
सरगुजा पुलिस की संवेदनशीलता और ‘आज की सुर्खियां’ की विशेष कानूनी पड़तालः रेलवे स्टेशन से गुम मासूम बरामद, RPF बिलासपुर को सौंपी गई ‘शून्य FIR’ की डायरी
विशेष कवरेजः वैभव शर्मा, उप-संपादक (आज की सुर्खियां)
अंबिकापुर/सरगुजाः
मासूम बच्चों के गायब होने के मामलों पर सरगुजा पुलिस ने एक बार फिर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की मिसाल पेश की है। डीआईजी और एसएसपी सरगुजा के कड़े रुख और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद, जिले के समस्त थाना और चौकी प्रभारी अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से गायब हुए एक नाबालिग बालक को रघुनाथपुर पुलिस चौकी की तत्परता से सकुशल बरामद कर लिया गया है। ‘आज की सुर्खियां’ को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह बालक गांझाडांड इलाके में लावारिस हालत में घूमता पाया गया था, जिसे एक जागरूक ग्रामीण ने सुरक्षा देकर पुलिस के हवाले किया।
कानूनी पेचीदगीः क्यों दर्ज हुई ‘शून्य (0) एफआईआर’ और क्या है आगे की प्रक्रिया ?
‘आज की सुर्खियां’ के लिए इस पूरे घटनाक्रम के कानूनी पहलुओं का विश्लेषण करते हुए उप-संपादक वैभव शर्मा ने बताया कि चूंकि मामला रेलवे स्टेशन (जो कि रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में आता है) से जुड़ा था, इसलिए क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) के तकनीकी पेंच को दरकिनार करते हुए थाना गांधीनगर पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर तत्काल ० (शून्य) में अपराध पंजीबद्ध किया। कानून के मुताबिक, जब अपराध स्थल किसी दूसरे थाने का हो, तब भी पुलिस को ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कर तुरंत जांच शुरू करनी होती है। अब गांधीनगर पुलिस ने इस मामले की अग्रिम विवेचना और कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई हेतु केस डायरी आरपीएफ (RPF) बिलासपुर को सौंप दी है, ताकि रेलवे एक्ट और सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
गांधीनगर पुलिस का डबल एक्शनः एक और मासूम को घर से ही किया दस्तयाब
‘आज की सुर्खियां’ की पड़ताल में यह भी सामने आया कि इसी दौरान गांधीनगर पुलिस टीम को घर से एक अन्य नाबालिग के लापता होने की संवेदनशील सूचना मिली। पुलिस ने बिना एक पल गंवाए तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट का सहारा लिया। मुस्तैद टीम ने तत्काल खोजबीन शुरू की और नाबालिग को सुरक्षित रूप से ढूंढकर उसके रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
