धर्मेंद्र शर्मा संपादक (C.G) तहलका मोखा स्कूल में बच्चों के बीच जमकर मारपीट, एक घायल बालोद/ गुरुर। गुरुर ब्लाक के ग्राम मोखा हाई स्कूल एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है यहां के छात्रों के बीच मारपीट की घटना ।बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे कक्षा दसवीं में छात्रों के बीच मारपीट हो गई। मारपीट इतनी बढ़ गई कि एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंची और दोनों नाबालिग छात्रों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। इसमें घायल एक छात्र का इलाज करवाया जा रहा है। क्लास के दौरान ही उक्त मारपीट हुई थी। इस घटना में शिक्षकों की भी गंभीर लापरवाही पाई गई है। जो इस तरह के कृत्य पर लगाम नहीं लगा पाए। 2 छात्रों के बीच जमकर हाथापाई हो गई है। जिसमें एक का खून भी निकल गया है। इस घटना से ग्रामीणों में जमकर आक्रोश है। जनचर्चा है कि कुछ छात्र विशेष तरह का नशा कर स्कूल में भी आते हैं। इसी बात को लेकर विरोध करते हुए छात्रों के बीच बहस शुरू हुई थी और फिर मारपीट की नौबत आ गई।
छेड़खानी के आरोप में शिक्षक जा चुका जेल
उक्त स्कूल के एक शिक्षक छात्राओं से छेड़खानी के मामले में जेल तक की यात्रा कर चुका है यहां ऐसे कई अनैतिक कार्य होने लगे हैं जिस पर स्वयं शिक्षक पर्दा डाले बैठे हैं। अगर इन मामलों की छानबीन की कोशिश होती है तो वह हड़बड़ा जाते हैं और कार्यवाही ना हो इस जुगत में लग जाते हैं। बुधवार को भी जब मारपीट की घटना की जानकारी मीडिया कर्मियों को लगी और मीडिया ने वहां धावा बोला तो शिक्षक गणों उल्टा मीडिया वालों की वीडियो बनाने लग गए। वहीं उक्त स्कूल की ऐसी अव्यवस्था शिक्षा विभाग के अफसरों पर भी सवाल खड़े करती है। स्कूल अंदर ही नाबालिग बच्चों में मारपीट होना शिक्षा विभाग के बहुत बड़ी कमजोरी को दर्शाता है इससे स्पष्ट होता है कि भ्रष्ट शिक्षा विभाग कितने गहरे पानी में हैं स्कूल के अंदर ही मारपीट जैसे कृत्य को अंजाम देना शिक्षकों के ऊपर ही सवाल उठाता है पुलिस थाना से मिली जानकारी के आधार पर पता चला है कि नाबालिग बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं तो वहीं उनके मां-बाप सहित बच्चे को पुलिस थाना बुलाया गया था नाबालिक बच्चे ही अब अनेक तरह के अपराध को शिक्षा के गढ़ में अंजाम दे रहा है इससे शिक्षा नीति और शिक्षित होने पर अनेक मुद्दों को जन्म दे रहा है जब मुद्दे की जानकारी के लिए संवाददाता स्कूल में जाते हैं तो शिक्षक शिक्षिका चोरी-छिपे वीडियो बनाने में लग जाते हैं ताकि उनके कृत्यों को उजागर ना कर सके और मीडियाकर्मी के ऊपर दबाव बनाया जा सके।
