मृतक के नाम पर कराई गई रजिस्ट्री, पुलिस ने चेकबुक, चेक और मोबाइल किए जब्त; अन्य आरोपियों की तलाश जारी
विशेष रिपोर्ट : उप संपादक वैभव शर्मा | आज की सुर्खियां
अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने भूमि से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए आपराधिक षड्यंत्र के तहत कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से मृतक व्यक्ति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कर धोखाधड़ी से आर्थिक लाभ अर्जित करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रजिस्ट्री में प्रयुक्त चेक, चेकबुक तथा एक रियल एस्टेट कंपनी से संबंधित मोबाइल फोन भी जब्त किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कोतवाली थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 541/26 के अनुसार शिकायतकर्ता आलोक दुबे की शिकायत और जांच के दौरान यह सामने आया कि अंबिकापुर के घुटरापारा स्थित खसरा क्रमांक 356/2, रकबा 0.065 हेक्टेयर भूमि के वास्तविक स्वामी की मृत्यु वर्ष 1962 में हो चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित रूप से एक अन्य व्यक्ति को मृतक बताकर उसकी पहचान स्थापित की और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 25 सितंबर 2025 को भूमि का विक्रय विलेख निष्पादित करा दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने वास्तविक आधार कार्ड में कथित छेड़छाड़ कर मृतक का नाम अंकित कराया और उसी कूटरचित पहचान पत्र का उपयोग पंजीयन कार्यालय में किया। बाद में यह भूमि लगभग 30 लाख रुपये में अन्य व्यक्तियों को बेची गई। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया इस पूरी प्रक्रिया से आरोपियों ने अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी राम निवास गुप्ता उर्फ बोखा (41 वर्ष) तथा दो महिला आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी राम निवास गुप्ता के कब्जे से रजिस्ट्री में प्रयुक्त चेक, चेकबुक एवं एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है। इस कथित षड्यंत्र में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में उप निरीक्षक के.के. यादव, प्रधान आरक्षक छात्रपाल सिंह, महिला आरक्षक सरस्वती पाण्डेय, आरक्षक आनंद गुप्ता तथा आरक्षक लालबाबू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


