अपराध और अपराधियों के खिलाफ जंग को एक नया और बेहद हाईटेक मोड़ देते हुए सरगुजा पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘आज की सुर्खियां’ न्यूज़ पोर्टल को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल (IPS) के कड़े दिशा-निर्देशन में, पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में विवेचकों के लिए एक दिवसीय हाई-लेवल कार्यशाला का धमाकेदार आयोजन किया गया। इस महामंथन का मुख्य मकसद अपराधों की जांच को इतना सटीक और पुख्ता बनाना है कि अदालत में शातिर से शातिर अपराधियों को भी बचने का एक भी मौका न मिले।
‘आज की सुर्खियां’ के उप-संपादक वैभव शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (ग्रामीण) श्री तुल सिंह पट्टावी की खास मौजूदगी रही। इनके साथ ही अतिरिक्त लोक अभियोजक नरेंद्र पांडेय, नितेश चंद्र शुक्ला और श्री मनोज तिवारी सहित जिले के तमाम थाना और चौकी प्रभारियों ने इस कड़े ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लिया।
साइबर ठगों पर टूटेगा काल, बैंक खाते होंगे सीज ! ‘आज की सुर्खियां’ के मंच से वैभव शर्मा आपको बता दें कि इस कार्यशाला में पुलिस कप्तानों ने साफ संदेश दिया है कि अब अपराधी पुरानी तरकीबों से कानून को चकमा नहीं दे पाएंगे। साइबर क्राइम के मामलों में पुलिस को बिना वक्त गंवाए बिजली की तेजी से एक्शन लेने को कहा गया है। ठगों के बैंक खातों का कच्चा-चिट्ठा तुरंत निकालकर उन पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जिससे उनके हौसले पस्त हो जाएं।
साक्ष्यों की ‘वैज्ञानिक पैकिंग’, कोर्ट में पक्की होगी सजा!
इस कार्यशाला की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) रही फॉरेंसिक और साइंटिफिक ट्रेनिंग। विवेचकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि क्राइम सीन (घटनास्थल) पर पहुंचते ही सबसे पहले उसे सुरक्षित किया जाए। मौके से सबूतों को उठाने, उन्हें बिना दूषित (Contaminated) किए सुरक्षित तरीके से पैक करने की एडवांस वैज्ञानिक प्रक्रिया का लाइव प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने साफ कहा कि पारंपरिक गवाहों के साथ-साथ अब डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का ऐसा जाल बुना जाएगा, जिससे कोर्ट में दोषसिद्धि (Conviction Rate) की दर में भारी उछाल आएगा। सरगुजा पुलिस की इस नई रणनीति की पूरी डिटेल आप देख रहे हैं सिर्फ ‘आज की सुर्खियां’ पर।
ब्यूरो रिपोर्टः वैभव शर्मा, उप-संपादक (आज की सुर्खियां)

