अयोध्या और बद्रीनाथ धाम के बाद नलखेड़ा सिद्धपीठ में बड़ा ‘खेल’, दान-पुण्य के करोड़ों रुपये उड़ाने वाली फर्जी गैंग का पर्दाफाश!
मुख्य समाचार पैराग्राफः
आगर-मालवा (नलखेड़ा)। अयोध्या के राम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में हुए वित्तीय घोटालों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध मां बगलामुखी (पीतांबरा) मंदिर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर जहां इस घटना को हथियारबंद ‘लूटपाट और डकैती’ के रूप में फैलाया जा रहा है, वहीं ‘आज की सुर्खियां’ की ग्राउंड रिपोर्ट में एक सनसनीखेज ‘सफेदपोश लूट’ का पर्दाफाश हुआ है। यहां कोई डाकू बंदूक लेकर नहीं घुसे, बल्कि मंदिर प्रशासन की नाक के नीचे एक फर्जी ‘सुदर्शन सेवा समिति’ के शातिरों ने भक्तों की आस्था को ही लूट लिया। यह गैंग मंदिर के सौंदर्गीकरण और चांदी मढ़वाने के नाम पर श्रद्धालुओं से सीधे सोना, चांदी और करोड़ों का कैश अपनी निजी रसीदों पर वसूल रही थी। इस काले धन को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय सीधे निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
प्रशासनिक एक्शन पैराग्राफः
इस महा-घोटाले की भनक लगते ही आगर-मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। जांच टीम को 7 दिन के भीतर दूध का दूध और पानी का पानी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इधर, मध्य प्रदेश के धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने भी दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि आस्था से खिलवाड़ करने वाले इन ‘आधुनिक चोरों’ पर ऐसी कठोर एफआईआर (FIR) होगी जो मिसाल बनेगी। पूरे मामले की हर पल की अपडेट के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।
विशेष रिपोर्टः वैभव शर्मा (उप संपादक, आज की सुर्खियां
मंदिरों में ‘चढ़ावा चोरों’ का आतंक ! राम मंदिर के बाद अब नलखेड़ा बगलामुखी धाम में बड़ा स्कैम, ऐसे खुला फर्जी रसीद गैंग का राज!
उप-हेडलाइनः
सुरक्षा के लिए लगे 4 CCTV कैमरे
मिले बंद, कलेक्टर के निर्देश पर SIT बैठी; धर्मस्व मंत्री बोले- ‘दोषी सीधे जेल जाएंगे!’
मुख्य समाचार पैराग्राफः
नलखेड़ा। क्या देश के सबसे प्रतिष्ठित और जागृत देवस्थान अब वित्तीय हेराफेरी करने वाले ठगों के निशाने पर हैं? यह बड़ा सवाल इसलिए खड़ा हुआ है क्योंकि अयोध्या और बद्रीनाथ के बाद अब मध्य प्रदेश के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में भी करोड़ों रुपये के चढ़ावे और चंदे में भारी घपले का खुलासा हुआ है। ‘आज की सुर्खियां’ के उप संपादक वैभव शर्मा की विशेष पड़ताल के अनुसार, मंदिर परिसर के भीतर ही पिछले तीन सालों से एक समानांतर और अवैध निजी समिति सक्रिय थी। यह समिति वीआईपी भक्तों को अपने जाल में फंसाकर उनसे भारी-भरकम गुप्त दान, सोना और चांदी वसूल रही थी। हैरानी की बात यह है कि जांच के दौरान मंदिर परिसर के 4 मुख्य सीसीटीवी कैमरे भी बंद पाए गए हैं, जिससे इस साजिश की गहराई और बढ़ जाती है।
प्रशासनिक एक्शन पैराग्राफः
मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने और विपक्ष के हमलावर
होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। कलेक्टर प्रीति यादव के आदेश पर जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में गठित टीम रिकॉर्ड्स, रसीद बुकों और बैंक खातों को खंगाल रही है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि फर्जी रसीद काटकर करोड़ों का वारा-न्यारा करने वाली इस बाहरी गैंग के पीछे जो भी रसूखदार चेहरे हैं, वे बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
खबर की तह तकः वैभव शर्मा (उप संपादक, आज की सुर्खियां)
