आज की सुर्खियां – उप संपादक वैभव शर्मा के साथ
जशपुर, 7 जुलाई 2026:
जशपुर जिले में अब अपराधियों और शातिर बदमाशों का बचना नामुमकिन होने वाला है! वजह है- जशपुर पुलिस का पूरी तरह से हाईटेक और डिजिटल हो जाना। पुलिस मुख्यालय रायपुर की ASUMP योजना (2025-26) के तहत, जशपुर पुलिस को अब अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए एक नया ‘डिजिटल हथियार’ मिल गया है।
104 स्मार्ट मोबाइलों से लैस हुए जशपुर के जासूस !
पुलिस कार्यालय जशपुर के सभाकक्ष में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के 104 विवेचकों (Investigators) को सैमसंग कंपनी के चमचमाते स्मार्ट मोबाइल्स बांटे। अब जशपुर पुलिस डायरी-पेन छोड़कर सीधे मोबाइल पर अपराधियों की कुंडली तैयार करेगी।
मौके पर ही ‘लाइव’ कैद होगा हर एक सबूत !
अब तक पुलिस को कोर्ट में सबूत पेश करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब इन स्मार्ट मोबाइलों के जरिए खेल पूरी तरह बदलने वाला है। SSP डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि अब विवेचकः
घटनास्थल का लाइव फोटो और वीडियो दस्तावेजीकरण करेंगे।
ई-साक्ष्य (E-Evidence) को मौके पर ही सुरक्षित कर सकेंगे।
होंगे। गवाहों के बयान सीधे डिजिटल फॉर्मेट में रिकॉर्ड
जब्ती (Seizure) की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग होगी ताकि बाद में कोई मुकर न सके।
कोर्ट में मचेगा तहलका, दोषियों को मिलेगी सीधी सजा !
इस हाईटेक शुरुआत से सबसे बड़ा फायदा न्यायिक प्रक्रिया को होगा। जब वैज्ञानिक और डिजिटल सबूत सीधे कोर्ट के सामने पेश किए जाएंगे, तो आरोपियों के खिलाफ केस इतना मजबूत होगा कि उनका बचना नामुमकिन हो जाएगा। इसका सीधा मतलब है- पीड़ितों को त्वरित न्याय और दोषियों को सीधे जेल !
मंच पर मौजूद रहे पुलिस के ये दिग्गज अधिकारी
इस ऐतिहासिक और तकनीकी बदलाव के गवाह जिले के कई आला अधिकारी बने। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी बगीचा श्री दिलीप कुमार कोसले, एसडीओपी पत्थलगांव श्री धुर्वेश कुमार जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक श्री भावेश समरथ विशेष रूप से मौजूद रहे।
वैभव शर्मा की रिपोर्ट (आज की सुर्खियां)




