पत्थलगांव। दिल थामकर बैठिए, क्योंकि आज जशपुर के पत्थलगांव से जो खौफनाक मंजर सामने आया है, उसे सुनकर ही आपकी रूह कांप जाएगी। सुखरापारा एनीकट के पास उस वक्त साक्षात यमराज का तांडव देखने को मिला, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर हवा में उछली और सीधे उफनती नदी के भूखे और गहरे पानी में समा गई। गाड़ी का पानी में गिरना इतना जोरदार था कि पल भर में नदी का पानी हवा में उछल गया और किनारे खड़े लोगों का कलेजा मुंह को आ गया। चारों तरफ सिर्फ मौत का सन्नाटा और चीख-पुकार गूंज उठी।
जब मौत के जबड़े से खुद को खींच लाए दो यार !
नदी का आदमखोर बहाव बोलेरो को तेजी से पाताल की ओर खींच रहा था। गाड़ी के अंदर अंधेरा छा चुका था और पानी नाक तक पहुंच गया था। मौत बिल्कुल सामने खड़ी थी, लेकिन गाड़ी के भीतर फंसे दो नौजवानों ने घुटने टेकने से इनकार कर दिया। जब गाड़ी के दरवाजे पानी के दबाव से पूरी तरह लॉक हो गए, तो दोनों जांबाजों ने जिंदगी की आखिरी जंग लड़ी। उन्होंने पूरी ताकत झोंककर बोलेरो की कांच वाली खिड़की को तोड़ा और उफनती लहरों के खूनी भंवर को चीरते हुए फिल्मी स्टाइल में बाहर छलांग लगा दी।
नदी के पेट को चीरकर क्रेन ने निकाली लोहे की लाश ! मौत के उस खौफनाक जाल से तैरकर जब दोनों युवक सही-सलामत किनारे पहुंचे, तो लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस दलबल के साथ सिंघम स्टाइल में मौके पर पहुंची। नदी इतनी आदमखोर हो चुकी थी कि बोलेरो पानी के नीचे पूरी तरह गायब हो चुकी थी। आखिरकार एक विशालकाय क्रेन बुलाई गई, जिसने नदी के पेट से डूबी हुई गाड़ी को ऐसे खींचकर बाहर निकाला, जैसे कोई खिलौना हो। गाड़ी तो लोहे का कबाड़ बन चुकी थी, लेकिन दोनों लड़कों की इस हैरतअंगेज बहादुरी ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।

