
पत्थलगांव | उप संपादक: वैभव शर्मा
समाज सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए हरियाणा-राजस्थान सामाजिक संगठन ने अपनी चतुर्थ बैठक में ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जो आने वाले समय में जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। बैठक में सर्वसम्मति से शव को सुरक्षित रखने के लिए शव फ्रीजर तथा अंतिम यात्रा को सम्मानजनक बनाने के लिए ‘स्वर्गरथ’ (शव वाहन) उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान समाजसेवी अनिल मित्तल (पिता स्व. केदारनाथ मित्तल) ने संगठन को एक शव फ्रीजर भेंट करने की घोषणा की। उनके इस मानवीय योगदान की उपस्थित सभी सदस्यों ने सराहना की और संगठन की ओर से उनका आभार व्यक्त किया गया। वहीं, स्वर्गरथ की खरीदी के लिए कई पार्षदों एवं एल्डरमेन ने आर्थिक सहयोग देने की घोषणा करते हुए इस जनहितकारी अभियान को मजबूत समर्थन दिया।
बैठक में केवल अंतिम संस्कार की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाजहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भी निर्णय लिए गए। इनमें बारिश के मौसम में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, गौवंश के लिए विभिन्न स्थानों पर चारा पात्र (कोटना) रखने तथा जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताब वितरण जैसे सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द शुरू करने का संकल्प लिया गया।
संगठन की गतिविधियों को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से वैभव शर्मा को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
बैठक की शुरुआत स्वर्गीय सत्यनारायण शर्मा एवं सुभाष अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। कार्यक्रम का संचालन हरगोविंद अग्रवाल ने किया, जबकि समापन स्वल्पाहार एवं सामाजिक सौहार्द के वातावरण के साथ हुआ।
बैठक में अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव कैलाश शर्मा, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, गणेश शर्मा, ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल, दामोदर शर्मा, हरगोविंद अग्रवाल, रम्मू शर्मा, संजू लोहिया, सुनील अग्रवाल, अनिल मित्तल, अजय पार्षद, अंकित अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष माधव शर्मा, सुशील बालाजी, मुन्ना शर्मा, दिनेश शर्मा, अनिल अग्रवाल, झब्बू अग्रवाल, गोपाल रोहिला, वैभव शर्मा सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
समापन:
हरियाणा-राजस्थान सामाजिक संगठन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची समाज सेवा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ऐसे ठोस निर्णयों से होती है जो जरूरत की घड़ी में लोगों के काम आएं। शव फ्रीजर और स्वर्गरथ जैसी पहल न केवल मानवीय संवेदनाओं का सम्मान है, बल्कि समाज के प्रति संगठन की जिम्मेदारी और सेवा भावना का भी सशक्त उदाहरण है।


