Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram WhatsApp Telegram
    Monday, August 24
    Facebook X (Twitter) YouTube
    Aaj Ki Surkhiya MP CGAaj Ki Surkhiya MP CG
    Subscribe Login
    • होम
    • देश विदेश
    • छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश
    • जुर्म
    • राजनीति
    • टेक्नोलॉजी
    • मनोरंजन
    • लाइफस्टाइल
    • बिज़नस
    • खेल
    Facebook X (Twitter) YouTube
    You are at:Home»Uncategorized»आरोप प्रमाणित, जांच संस्थित… फिर भी 237 दिन बाद कार्रवाई का इंतजार!
    Uncategorized

    आरोप प्रमाणित, जांच संस्थित… फिर भी 237 दिन बाद कार्रवाई का इंतजार!

    Aaj Ki Surkhiya MPCGBy Aaj Ki Surkhiya MPCGAugust 23, 2026No Comments4 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp

    प्रधान संपादक धर्मेंद्र शर्मा की विशेष खबर /सच्ची खबर तीखी नजर/ दिन दुनिया की सुर्खियां 

    पत्थलगांव। विकासखंड पत्थलगांव के प्रभारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी वेदानंद आर्य से जुड़े स्टेशनरी सामग्री एवं भुगतान संबंधी प्रकरण में विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कार्रवाई में हो रही देरी अब गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जिला स्तर की जांच के बाद सरगुजा संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा विभागीय जांच संस्थित की गई, लेकिन 23 अगस्त 2026 तक प्रकरण अंतिम निष्कर्ष और कार्रवाई की प्रतीक्षा में है।

    उपलब्ध जांच अभिलेखों के अनुसार दिसंबर 2025 में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा चुके थे। 29 दिसंबर 2025 से 23 अगस्त 2026 तक 237 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य और बयान सामने आ चुके थे, तो जांच को अंतिम परिणाम तक पहुंचने में इतना लंबा समय क्यों लग रहा है?

    जिला जांच के बाद आयुक्त ने संस्थित की विभागीय जांच

    मामले में 10 जुलाई 2026 को आयुक्त, सरगुजा संभाग द्वारा जारी आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर के जांच प्रतिवेदन के आधार पर शिकायत के आरोप प्रमाणित पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई।

    आदेश में संबंधित कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत बताया गया है। आरोप-पत्र में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के लिए सामग्री खरीदी तथा भुगतान से जुड़े विवरणों का भी उल्लेख है।

    28 साक्षी, बयान दर्ज—फिर जांच में देरी क्यों?

    विभागीय जांच के लिए कुल 28 अभियोजन साक्षियों की सूची तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें संकुल शैक्षिक समन्वयक, प्रधान पाठक और विभागीय कर्मचारी शामिल हैं।

    जब दिसंबर 2025 में ही कई संबंधित लोगों के बयान दर्ज हो चुके थे, तब अब तक जांच पूरी न होने को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर तब, जब संबंधित अधिकारी अभी भी प्रभारी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    पूर्व और बाद के बयानों का हो स्वतंत्र परीक्षण

    प्रकरण में बाद में कुछ संकुल शैक्षिक समन्वयकों की ओर से लिखित कथन प्रस्तुत किए जाने की बात भी सामने आई है। यदि पूर्व में दर्ज बयानों और बाद में दिए गए लिखित कथनों में महत्वपूर्ण अंतर है, तो जांच की निष्पक्षता के लिए दोनों का स्वतंत्र एवं तुलनात्मक परीक्षण जरूरी है।

    सभी संबंधित व्यक्तियों के स्वतंत्र बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान ही वास्तविक स्थिति को स्पष्ट कर सकता है।

    बिल-वाउचर और क्यूआर भुगतान की जांच जरूरी

    मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विद्यालयवार सामग्री वितरण, बिल-वाउचर, केसबुक प्रविष्टियों तथा क्यूआर कोड के माध्यम से किए गए भुगतान का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दस्तावेजों का मौखिक बयानों से मिलान होने पर यह स्पष्ट हो सकता है कि सामग्री वास्तव में किन विद्यालयों तक पहुंची, भुगतान किस स्तर से हुआ और संबंधित राशि किस खाते में गई।

    237 दिन की देरी ने बढ़ाए सवाल

    29 दिसंबर 2025 से 23 अगस्त 2026 तक 237 दिन बीत चुके हैं। विभागीय जांच संस्थित होने के बाद भी अंतिम कार्रवाई स्पष्ट न होने से अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच पूरी होने और अंतिम निर्णय तक पहुंचने में आखिर कितना और समय लगेगा।

    सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि विभागीय जांच लंबित रहने के दौरान संबंधित अधिकारी के प्रभारी पद पर बने रहने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    25 अगस्त की बैठक पर टिकी निगाहें

    25 अगस्त को शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में बीईओ, डीईओ एवं संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारियों की प्रस्तावित संयुक्त बैठक से पहले पत्थलगांव का यह मामला चर्चा में है।

    अब शिक्षा विभाग के सामने प्रमुख सवाल हैं—

    क्या 237 दिन से लंबित जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा?

    दिसंबर 2025 में बयान दर्ज होने के बाद जांच में देरी क्यों हुई?

    विभागीय जांच लंबित रहने के दौरान संबंधित अधिकारी के प्रभारी पद पर बने रहने का प्रशासनिक आधार क्या है?

    पूर्व एवं बाद में प्रस्तुत बयानों का स्वतंत्र सत्यापन कब होगा?

    और सबसे अहम सवाल—

    जब विभागीय जांच में शिकायत के आरोप प्रमाणित पाए जाने का उल्लेख है, तो अंतिम प्रशासनिक कार्रवाई कब होगी?

    अब निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यह मामला केवल एक अधिकारी पर लगे आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय जांच की समयबद्धता, पारदर्शिता, साक्षियों की स्वतंत्रता और शासन के आदेशों के प्रभावी पालन से भी जुड़ा हुआ है।

    प्रधान संपादक — धर्मेंद्र शर्मा

    आज की सुर्खियां

    Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp
    Previous Articleसावन में सेवा की मिसाल: लुदानिया परिवार का भव्य भंडारा, 26 तारीख को होगा अंतिम भंडारा……..
    Next Article बयान बदले या बदले गए? 28 साक्षियों के बीच उठता बड़ा सवाल………
    Aaj Ki Surkhiya MPCG
    • Website

    Related Posts

    बयान बदले या बदले गए? 28 साक्षियों के बीच उठता बड़ा सवाल………

    August 23, 2026

    सावन में सेवा की मिसाल: लुदानिया परिवार का भव्य भंडारा, 26 तारीख को होगा अंतिम भंडारा……..

    August 23, 2026

    पत्थलगांव वालों हो जाएं सावधान! मासूम बच्चों से भीख मंगवाने का आरोप, आखिर इनके भविष्य का जिम्मेदार कौन?…………

    August 21, 2026

    Comments are closed.

    Recent Posts

    • बयान बदले या बदले गए? 28 साक्षियों के बीच उठता बड़ा सवाल………
    • आरोप प्रमाणित, जांच संस्थित… फिर भी 237 दिन बाद कार्रवाई का इंतजार!
    • सावन में सेवा की मिसाल: लुदानिया परिवार का भव्य भंडारा, 26 तारीख को होगा अंतिम भंडारा……..
    • पत्थलगांव वालों हो जाएं सावधान! मासूम बच्चों से भीख मंगवाने का आरोप, आखिर इनके भविष्य का जिम्मेदार कौन?…………
    • पत्रकारिता के भीष्म पितामह रमेश शर्मा को प्रेस क्लब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि………..

    Recent Comments

    No comments to show.
    Copyright © 2026 Aaj Ki Surkhiya MP CG. Hosted by Webmitr.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?