
बैंकों से लेकर कारोबारियों तक पहुंचा “साइबर जागृति अभियान”, करीब 500 नागरिकों ने लिया जागरूक रहने का संकल्प
अंबिकापुर, 25 अगस्त 2026।
क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा की विशेष खबर।
साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल के बीच सरगुजा पुलिस ने डिजिटल ठगी के खिलाफ जागरूकता की मुहिम को और तेज कर दिया है। “साइबर जागृति अभियान” के दूसरे सप्ताह में पुलिस टीम ने जिले के विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में पहुंचकर नागरिकों, बैंक कर्मचारियों तथा व्यवसायिक संगठन (कैट) के पदाधिकारियों और सदस्यों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए।
यह अभियान डीआईजी/एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं साइबर सेल के नोडल अधिकारी श्री रितेश चौधरी के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
बैंक पहुंचे पुलिस अधिकारी, नागरिकों को समझाए ठगी के नए तरीके
अभियान के तहत स्टेट बैंक ऑफ बतौली, सेंट्रल बैंक नर्मदापारा, पंजाब नेशनल बैंक अंबिकापुर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर, ग्रामीण बैंक लुण्ड्रा, ग्रामीण बैंक लखनपुर, राज्य ग्रामीण बैंक अंबिकापुर, सहकारी समिति बैंक लखनपुर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लखनपुर एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सीतापुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में बैंक अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में बैंक पहुंचे नागरिकों, ग्रामीणों तथा व्यवसायिक संगठन (कैट) के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की।
पुलिस टीम ने लोगों को समझाया कि साइबर अपराधी अब केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि OTP, UPI, QR Code, फर्जी लिंक, APK फाइल, फर्जी कस्टमर केयर, सोशल मीडिया, फर्जी प्रोफाइल, अनजान वीडियो कॉल, सेक्सटॉर्शन और डिजिटल अरेस्ट जैसे अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
“एक गलती और खाते से गायब हो सकती है रकम”
जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों से स्पष्ट कहा गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड करने या किसी के कहने पर QR Code स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया पर निजी फोटो, वीडियो और व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई।
ठगी हो जाए तो घबराएं नहीं, तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व की जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल शिकायत करें अथवा cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी गई रकम को रोकने या उसकी आगे की निकासी पर कार्रवाई की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
“जागरूकता की एक Selfie” से दिया सुरक्षा का संदेश
अभियान के दौरान “जागरूकता की एक Selfie” कार्यक्रम भी चलाया गया। नागरिकों को जागरूकता QR Code के बारे में जानकारी देते हुए अभियान से जुड़ने और साइबर सुरक्षा के संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने QR Code के साथ Selfie लेकर साइबर सुरक्षा के प्रति अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
करीब 500 नागरिकों ने लिया जागरूक रहने का संकल्प
इस जागरूकता अभियान में करीब 500 नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने स्वयं साइबर अपराधों से सावधान रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल ठगी से बचाव के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी लुण्ड्रा निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर निरीक्षक मनोज प्रजापति, उप निरीक्षक अभय तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शिवकुमार ध्रुव, हर्ष कुमार, डिगेश्वर वर्मा, आशी झा, अनुराग वर्मा, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, वरदान लकड़ा, गंभीर साय, महिला प्रधान आरक्षक मेविस ज्योत्स्ना, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र बंजारे सहित नवाबिहान टीम के मंगल पाण्डेय, अनिल मिश्रा, आरक्षक अनुज जायसवाल, अमन पुरी, राहुल केरकेट्टा, दशरथ राजवाड़े सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस का संदेश—सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार
सरगुजा पुलिस का यह अभियान केवल बैंकों तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों को डिजिटल युग में सुरक्षित व्यवहार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।”
क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा
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