📰 आज की सुर्खियां | विशेष रिपोर्ट
✍️ उप संपादक: वैभव शर्मा

अंबिकापुर, 26 जुलाई। अपराधों की गुणवत्ता पूर्ण विवेचना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में सरगुजा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में एक दिवसीय विवेचना कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक मंच से विवेचकों को नए कानूनों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच की बारीकियों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शक्ति सिंह राजपूत, डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.), प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ममता पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री पल्लव रघुवंशी, प्रधान मजिस्ट्रेट श्रीमती कल्पना भगत सहित पुलिस एवं न्यायपालिका के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक और विवेचक भी कार्यशाला में शामिल हुए।
वैज्ञानिक जांच और ई-साक्ष्य पर विशेष जोर
माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने विवेचकों को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT), ई-साक्ष्य, घटनास्थल पर टेस्टिंग किट के उपयोग, साक्ष्य अधिनियम तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर साक्ष्य का आपस में तार्किक संबंध होना चाहिए ताकि न्यायालय में अपराध प्रभावी ढंग से सिद्ध किया जा सके।
केस डायरी से लेकर गिरफ्तारी तक दिए गए अहम निर्देश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया, महिलाओं की गिरफ्तारी के नियम, ट्रांजिट रिमांड, पुलिस रिमांड, केस डायरी लेखन, एनडीपीएस एक्ट, एससी-एसटी एक्ट, पशु क्रूरता अधिनियम और खात्मा-खारिज प्रकरणों में बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। वहीं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने घटनास्थल के फोटोग्राफी, सीलबंद साक्ष्य, नजरी नक्शा और गवाहों की उपस्थिति में जब्ती की प्रक्रिया को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया।
बाल अधिकारों और जेजे एक्ट पर भी हुआ प्रशिक्षण
प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड ने जेजे एक्ट के तहत बालकों से जुड़े मामलों की संवेदनशील विवेचना, चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग, ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की भूमिका और समयबद्ध कार्रवाई पर विशेष प्रशिक्षण दिया।
डीआईजी-एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश
कार्यशाला के समापन पर डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने न्यायपालिका के सभी माननीय न्यायाधीशों का आभार व्यक्त करते हुए विवेचकों को निर्देश दिया कि कार्यशाला में दिए गए प्रत्येक दिशा-निर्देश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें, ताकि अपराधों की जांच अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बन सके तथा पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
✍️ विशेष रिपोर्ट: वैभव शर्मा
उप संपादक, आज की सुर्खियां
