लोरो घाट / जशपुरः
जशपुर के खतरनाक लोरो घाट पर एक बार फिर ‘काल’ ने दस्तक दी, लेकिन जशपुर पुलिस की मुस्तैदी के आगे मौत को भी घुटने टेकने पड़े। घाट के अंधेरे मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में एक तेज रफ्तार ट्रक के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी भयानक थी कि ट्रक का केबिन लोहे के मलबे में तब्दील हो गया और उसमें सवार तीन जिंदगियां चीखती-चिल्लाती हुई मौत के जाल में फंस गईं।
घटना की खबर मिलते ही जशपुर पुलिस ने बिना एक पल गंवाए ‘ऑपरेशन लाइफ’ शुरू किया। डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह खुद आधी रात को दल-बल के साथ ग्राउंड जीरो पर मोर्चा संभालने पहुंच गए। कड़कड़ाती चुनौती के बीच, लगभग 3 घंटे तक सांसें रोक देने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन चला। भारी-भरकम कटर मशीनों से ट्रक के मजबूत केबिन को चीर डाला गया और सूझबूझ से तीनों लहूलुहान घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस हैरतअंगेज और साहसिक रेस्क्यू को अंजाम देने वाली टीम को जहां प्रशस्ति पत्र से नवाजा जाएगा, वहीं देवदूत बनकर सामने आए स्थानीय ‘पुलिस मितान’ और मददगार नागरिकों को सरकार की ‘गुड सेमिरिटन’ योजना के तहत तगड़ा इनाम और सम्मान दिलाने के लिए सूची भेज दी गई है। जशपुर पुलिस के इस सिंघम अवतार और जांबाजी की हर तरफ थू-थू नहीं, बल्कि जमकर तारीफ हो रही है।

