जशपुर (आज की सुर्खियां, उप-संपादक वैभव शर्मा):
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौवंश तस्करों की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस का महा-अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” पूरी रफ्तार से गरज रहा है। डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के कड़े हंटर का असर ऐसा है कि अब तस्करों के मददगार और गाड़ियों के मालिक भी पुलिस के फंदे से बच नहीं पा रहे हैं। इसी कड़ी में लोदाम पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, पिछले कई दिनों से फरार चल रहे शातिर वाहन स्वामी मो. इम्तियाज (40 वर्ष) को धर-दबोचा है और उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
वैभव शर्मा की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला बीती 14 अप्रैल का है, जब मुखबिर की सटीक सूचना पर लोदाम पुलिस ने भलमंडा नेशनल हाईवे पर नाकेबंदी कर तस्करों की सांसें फुला दी थीं। पुलिस की घेराबंदी देखकर तस्कर अपनी बोलेरो पिकअप (JH-01-FP-3193) को मौके पर ही छोड़कर दुम दबाकर भाग निकले थे। उस वक्त पुलिस ने गाड़ी से 09 बेगुनाह गौवंशों को तस्करों के चंगुल से सकुशल आजाद कराया था। तभी से पुलिस इस गाड़ी के असली मालिक की कुंडली खंगाल रही थी, जो आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।
‘आज की सुर्खियां’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, जशपुर पुलिस इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आंकड़ों की बात करें तो पुलिस का यह ‘ऑपरेशन शंखनाद’ तस्करों के लिए यमराज साबित हो रहा है। इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 852 गौवंशों को तस्करों के नरक से मुक्त कराया है। यही नहीं, पुलिस ने अब तक 71 मामलों में 66 आरोपियों को जेल का रास्ता दिखाया है और तस्करी में इस्तेमाल होने वाले 26 वाहनों को सीज कर तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।

