जशपुर/पत्थलगांवः
आज के बदलते डिजिटल दौर में जहां सूचनाएं तेजी से लोगों तक पहुंच रही हैं, वहीं सोशल मीडिया पर पत्रकारिता की साख और उसकी मर्यादा को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जशपुर जिले के पत्थलगांव और आस-पास के क्षेत्रों में इन दिनों सोशल मीडिया (फेसबुक) पर सक्रिय एक स्थानीय युवक अमित पांडे की पोस्ट्स को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पत्रकारिता की आड़ में विकास कार्यों और प्रतिष्ठित हस्तियों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
अमित पांडे जी के दरा बगिया कैंप कवि पक्ष में डालना गया पोस्ट 👆🏼
बगिया मुख्यमंत्री कैंप और कार्यकर्ताओं को टारगेट करने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए स्थापित ‘बगिया मुख्यमंत्री कैंप’ लगातार जनहित के कार्य कर रहा है, जहां हजारों आवेदनों का निराकरण माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर किया जाता है। सजग नागरिकों का कहना है कि इस जनकल्याणकारी व्यवस्था और वहां कार्यरत समर्पित कार्यकर्ताओं के खिलाफ उक्त सोशल मीडिया यूजर द्वारा लगातार कथित तौर पर भ्रामक कहानियां और वीडियोग्राफी बनाकर नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रहित और जनहित में कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं पर अभद्र टिप्पणियां करना क्षेत्र के लोगों को रास नहीं आ रहा है।
व्यापारियों के बारे में पोस्ट किए हुए वीडियो अमित पांडे के द्वारा👆🏼
वरिष्ठ व्यापारी और जनप्रतिनिधि पहुंचे न्यायालय मामले में नया मोड़ तब आया जब पत्थलगांव के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ व्यापारी अरुण अग्रवाल से जुड़े एक दशक पुराने राजस्व मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अनर्गल पोस्ट साझा की गईं। व्यापारियों का कहना है कि जिस मामले में कोई कानूनी दम या साक्ष्य नहीं है, उसे केवल सनसनी फैलाने और छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उछाला जा रहा है। इतना ही नहीं, नगर पालिका के उपाध्यक्ष महोदय के खिलाफ भी इसी तरह के कथित आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने की खबर है, जिसके बाद उपाध्यक्ष द्वारा न्यायालय में मानहानि का मामला (Defamation Case) दायर किया गया है। कानूनी जानकारों के अनुसार, न्यायालय के नोटिस के बावजूद उक्त यूजर द्वारा संतोषजनक जवाब न देना उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फर्जी खबरों के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग क्षेत्र के जागरूक युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों का मानना है कि व्हाट्सएप और फेसबुक पर बिना किसी आधिकारिक मीडिया रजिस्ट्रेशन या आरएनआई (RNI) नंबर के खुद को पत्रकार घोषित करने वाले ऐसे तत्वों के कारण वास्तविक पत्रकारों का नाम भी धूमिल हो रहा है। पत्थलगांव के व्यापारिक संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया गाइडलाइंस और आईटी एक्ट के तहत ऐसे भ्रामक पोस्ट करने वालों पर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र की शांति और पत्रकारिता की गरिमा सुरक्षित रह सके।

और अभी हाल ही में अमित पांडेज के द्वारा पत्थलगांव विधायक गोमती साय एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आदरणीय विष्णु देव साय जी की धर्मपत्नी आदरणीय कौशल्या देवी साय जी इन दोनों के कंपैरिजन में एक पस्ट डाला गया है 👆🏼 अपने सोशल मीडिया पर आपदख सकते हैं
(इस संबंध में अमित पांडे का पक्ष जानने का प्रयास भी किया गया, जिसे प्राप्त होने पर जोड़ा जाएगा।)

