प्रधानमंत्री के सरगुजा दौरे के बीच मुख्यमंत्री के गृह जिले में प्रशासन के द्वारा दलित परिवार का मकान तोड़ा गया
पीड़ित परिवार से मिलने पहुँची रायगढ़ लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी डॉ मेनका देवी सिंह

जशपुर – प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी कल साधिका दौरे में थे उसी वक़्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले में बगीचा के रूपसेरा गाँव में एक दलित परिवार का मकान तोड़ने के प्रशासन का पूरा अमला खड़ा था। उक्त घटना के दौरान मकान में आठ महीने की गर्भवती महिला भी थी लेकिन महिला तहसीलदार अधिकारी ने भी चुप्पी साध ली।
नियम कहके अगर प्रशासन की संवेदना और वेदना मर जाये, तो सरकार भले किसी की भी रहे, उस पर सवाल खड़ा हो जाता है। ऐसा ही कुछ मामला इस समय बगीचा के ग्राम रूपसेरा में घटा।
जहां अधिकारियों की कार्यवाही से सुशासन का अंत होता दिखता हैं, जिसका शिकार एक दलित परिवार हुआ है। और कार्यवाही भी ऐसी कि जिस पर मानवता कराह जाए।
यह ताजा मामला जशपुर जिले के बगीचा जनपद के रूपसेरा ग्राम का है, जहां रूपसेरा में सूखे राम पिता टुनिया बांस के छोटे मोटे टोकरी वगैरह बनाकर जीविका उपार्जन करता था। कल यानी 24 अप्रैल 2025 दोपहर को तहसीलदार नोटिस लेकर पहुंची, और गरीब के परिवार के महिलाओ और बच्चों के घर के अंदर आराम करते रहते ही जेसीबी चलवा दिया। सबसे दुखद तो यह है कि सूखे राम की पत्नी जो आठ माह की गर्भवती थी, जो अपने बच्चों के साथ मकान के अंदर ही थी, और तभी तहसीलदार ने घर को भेजा कब्जा कहकर जेसीबी चलवा दिया।
सरकारें भले वेदना और संवेदना के मर्म से बनती हो, पर ऐसा लगता सरकार के नौकरशाहों को वेदना और संवेदना से कोई मतलब ही नही।
इस दलित गरीब परिवार का कहना है कि उसका इस जमीन पर पीढ़ियों से कब्जा है, जिसके परदादा को इसका पट्टा भी मिला हुआ था, पर किसी दबंग के द्वारा फर्जी रजिस्ट्री बताकर इस जमीन को कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी, जब आबंटन की जमीन बिक्रय और रजिस्ट्री नही हो सकती तो कैसे विक्रय हुआ। और उस बेस पर पट्टा कैसे निरस्त कर दिया गया, और वर्षो से काबिज हमारी भूमि को बेजा कब्जा बताया जा रहा है।
परिवार वालो का कहना यह भी है कि पांच दिन पूर्व जो अब जमीन को अपना बता रहा है, 5 लाख रुपया लेकर आया था कि कब्जा छोड़ दो, जब हम नही माने तो तहसीलदार द्वारा सरकारी जमीन बताकर हमारे परिवार के घर मे अंदर रहते ही जेसीबी चलवा दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर रायगढ़ लोकसभा प्रत्याशी डॉ मेनका देवी सिंह पीड़ित परिवार से मिलने बगीचा पहुँची और उन्हें सांत्वना दिया। साथ ही यह आस्वाशन दिया कि वो पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगी।



