क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा की विशेष खबर

छिंदनार में बदली तस्वीर—बंदूक के साए से निकलकर रेडियो के सामने बैठा पूरा गांव, प्रधानमंत्री को सुनने उमड़े ग्रामीण
रायपुर/दंतेवाड़ा। कभी जिन गलियों में धमाकों की आवाज लोगों को दहशत में डाल देती थी, आज वहीं रेडियो की आवाज सुनाई दी। यह सिर्फ ‘मन की बात’ सुनने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर की ऐसी तस्वीर थी, जिसे देखकर शायद कोई भी कह उठे—“क्या सच में यही छिंदनार है?”
दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल छिंदनार में ग्रामीण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के लिए एकजुट हुए। गांव के कई लोगों ने पहली बार प्रधानमंत्री को रेडियो पर सुना। लोगों में उत्साह ऐसा था कि पूरा माहौल कार्यक्रम में डूबा नजर आया।
ग्रामीणों के बीच वन एवं पर्यावरण मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप और दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी भी मौजूद रहे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम सुना।

धमाकों से रेडियो तक… यही है बदलते बस्तर की कहानी
छिंदनार का यह दृश्य महज एक कार्यक्रम की तस्वीर नहीं, बल्कि उस बदलाव का संकेत है जिसमें कभी हिंसा और भय से जूझने वाले इलाके अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, मोबाइल कनेक्टिविटी और सरकारी योजनाओं से जुड़ने की ओर बढ़ रहे हैं।
‘मन की बात’ के बाद ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों और नवाचारों से लोगों को जोड़ता है तथा जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है।
एक तरफ कभी गोलियों और धमाकों की दहशत थी, दूसरी तरफ आज प्रधानमंत्री की आवाज सुनने को उत्सुक ग्रामीण—छिंदनार की यह तस्वीर बस्तर में बदलते समय की कहानी खुद बयां कर रही है।
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क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा
उप संपादक | आज की सुर्खियां
