📱 पुलिस लाइन में लगी साइबर क्लास, अफसरों ने ली जागरूकता सेल्फी… अब ठगों की नींद हराम!

अम्बिकापुर।
अब साइबर ठगों के दिन अच्छे नहीं चलने वाले! कभी बैंक अधिकारी बनकर फोन, कभी KYC अपडेट का झांसा, कभी “आपका अकाउंट बंद होने वाला है” का डर और कभी डिजिटल अरेस्ट का ऐसा डर कि बेचारा इंसान मोबाइल लेकर ही अपराधी जैसा महसूस करने लगे! 😄
लेकिन अब सरगुजा पुलिस ने भी ठगों को सीधा संदेश दे दिया है—“भाई साहब, अब जनता जाग चुकी है!” 🚨📱
छत्तीसगढ़ पुलिस के आह्वान पर 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 16 अगस्त को पुलिस लाइन अम्बिकापुर के सभाकक्ष में करीब 50 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के गुर बताए गए।
😂 QR कोड आया तो सेल्फी भी बनती है!
कार्यक्रम में सिर्फ भाषणबाजी नहीं हुई, बल्कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को QR कोड स्कैन कर “जागरूकता की एक सेल्फी” लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
मतलब साफ है—
पहले सेल्फी के लिए फिल्टर ढूंढते थे, अब साइबर जागरूकता के लिए QR कोड ढूंढ रहे हैं! 😂📸
पुलिस का मकसद साफ है कि यह सेल्फी सिर्फ मोबाइल की गैलरी में कैद न रहे, बल्कि सोशल मीडिया पर पहुंचे और वहां से जनता के मोबाइल तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचे।
📞 “हेलो सर, मैं बैंक से बोल रहा हूं…”
साइबर जागृति अभियान के दौरान लोगों को UPI फ्रॉड, OTP ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, जॉब फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों से बचने के तरीके बताए जाएंगे।
अब अगर कोई ठग फोन करके बोले—
“सर, मैं बैंक से बोल रहा हूं, OTP बताइए…”
तो जवाब होना चाहिए—
“भाई, पहले तुम अपना परिचय दो… पुलिस को बताऊं या साइबर सेल को?” 😂
🚨 डिजिटल अरेस्ट वालों की भी खैर नहीं!
अभियान में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल से बचाव पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में “साइबर चौपाल” लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
यानी अब गांव की चौपाल में सिर्फ खेती-किसानी और गांव की खबरों पर चर्चा नहीं होगी—
कौन-सा लिंक खोलना है और कौन-सा लिंक देखकर मोबाइल ही बंद कर देना है, इसकी भी क्लास लगेगी! 😄📱
👮♂️ पुलिस का संदेश—“जागरूकता बढ़ाओ, ठगों का धंधा घटाओ”
आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा एवं डीआईजी/एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी, नोडल अधिकारी साइबर सेल, के मार्गदर्शन में अभियान को मजबूत बनाया जा रहा है।
साइबर सेल टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
अब अभियान का असली मकसद यही है कि ठग फोन करें तो जनता घबराए नहीं, समझदारी दिखाए।
OTP, PIN, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी को न दें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले सौ बार सोचें।
क्योंकि आज के जमाने में—
“एक क्लिक की गलती… और अकाउंट की छुट्टी!” 😂💸
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📰 क्रांतिकारी पत्रकार उप संपादक वैभव शर्मा आज की सुर्खियां
