बिना लायसेंस के ओटीसी दवाओ की बिक्री की अनुमति पर केमिस्टो ने जताई आपत्ति

कहा जनहित में केन्द्र सरकार प्रस्ताव को करे रद्द
दुर्ग। बिना लायसेंस के ओटीसी दवाओं की बिक्री की अनुमति देने केन्द्र सरकार के प्रस्ताव पर ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एण्ड इनिस्ट्स (एआईओसीडी) के राष्ट्रीय सह सचिव अविनाश अग्रवाल व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुधीर अग्रवाल ने गहरी चिंता जताई है। जिसके विरोध में उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर प्रस्ताव से जुड़े महत्वपूर्ण जोखिमों से अवगत कराकर प्रस्ताव को जनहित में रद्द करने की मांग की हैं।

ज्ञापन के माध्यम से एआईओसीडी के राष्ट्रीय सह सचिव अविनाश अग्रवाल व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुधीर अग्रवाल ने कहा है कि यह प्रस्ताव मौजूदा दवा कानूनों, फार्मेसी विनियमों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों सहित प्रासंगिक कानूनी ढांचे का उल्लंघन करेगा। उचित विनियमन के बिना ओटीसी दवा बिक्री की अनुमति देने से गंभीर खतरा पैदा हो सकते हैं। इन खतरों में खतरनाक स्व-चिकित्सा और नशीली दवाओं का दुरुपयोग, फार्मासिस्ट परामर्श सेवाओं का अभाव, प्रतिकूल दवा प्रतिक्रियाओं का बढ़ता जोखिम, नकली दवाओं का प्रसार, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में देरी, दवा की अधिक मात्रा के कारण बीमारियों की अधिक घटनाएं, दवा भंडारण के मानकों से समझौता, अपर्याप्त फार्माकोविजिलेंस उपाय शामिल है। जो जनता के स्वास्थ्य पर विपरित असर डालेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस प्रस्ताव के बहुआयामी निहितार्थों पर पुन: विचार करना चाहिए, क्योंकि सामान्य और किराने की दुकानों में दवाओं की अनियमित उपलब्धता समाज के सर्वोतम हितों की पूर्ति नहीं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में 12.40 लाख केमिस्टों की सदस्यता के साथ एआईओसीडी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की अखंडता को कमजोर करने वाले किसी भी उपाय को बर्दाश्त नही करेंगी। यदि केन्द्र सरकार ने इस प्रस्ताव को रद्द नही किया तो अगामी दिनों में छत्तीसगढ़ समेत देशभर के केमिस्ट सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।



