विप्र महिला मंडल द्वारा तीज त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया……………


पत्थलगांव। हरियाली तीज के अवसर पर नगर के विप्र महिलाओं ने बजरंग कालोनी हनुमान कुंज में सजधज कर व झूला झूलकर हरियाली तीज का आनंद लिया। गौरतलब है कि सावन में हरियाली तीज ही वो दिन था, जब माता पार्वती की श्रद्धा देखकर भोले भंडारी भगवान शिव प्रसन्न हुए थे और उन्होंने पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इसलिए इस दिन जो कोई भी पूरी श्रद्धा के साथ गौरी-शंकर की पूजा करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है ऐसी मान्यता है।

इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती है और सोलह शृंगार कर गौरी पूजन करती है। सनातन धर्म के सभी त्योहारों में से हरियाली तीज को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। यह त्योहार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। विप्र महिलाओं के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और बेटियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। दरअसल हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा पाठ और कथा सुनती हैं। मान्यता है कि श्रावण माह के शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को देवी पार्वती की तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न हुए थे और माता पार्वती को उनके पूर्व जन्म की कथा भी सुनाई थी।
हरियाली तीज का त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का व्रत रखा है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं, जिसमें विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। सुहागिन महिलाओं के अलावा इस व्रत को कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए और विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए व्रत रखती हैं।




