पत्थलगांव (जशपुर)। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। पिछले कुछ दिनों से पत्थलगांव और आसपास के इलाकों में बाबा, साड़ी वाले, खिलौने वाले और फेरीवालों के भेस में संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस गंभीर इनपुट पर त्वरित संज्ञान लेते हुए ‘आज की सुर्खियां’ न्यूज़ पोर्टल के उप-संपादक वैभव शर्मा की ग्राउंड रिपोर्टिंग और सजगता के बाद प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है।
इंदिरा गांधी गर्ल्स स्कूल के सामने से संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, जशपुर रोड स्थित इंदिरा गांधी गर्ल्स स्कूल के ठीक सामने कुछ संदिग्ध व्यक्ति खिलौने वाली गाड़ी बेचने के बहाने रेकी (Reece) कर रहे थे। इन व्यक्तियों के पास न तो कोई वैध पहचान पत्र (ID Proof) था और न ही स्थानीय निवास का कोई प्रामाणिक दस्तावेज। मामले की संवेदनशीलता और महिला सुरक्षा को देखते हुए शासन-प्रशासन ने तत्काल दबिश दी। पुलिस टीम ने इन संदिग्धों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहाँ इनके आधार कार्ड की छायाप्रति, पासपोर्ट साइज फोटो और मूल निवास के दस्तावेजों को कड़ाई से खंगाला गया।
इन कानूनी धाराओं के तहत होगी सख्त कार्रवाई
कानूनी विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिना पुलिस वेरिफिकेशन के बाहरी लोगों को शरण देना एक गंभीर कानूनी अपराध है। इस मामले में प्रशासन निम्नलिखित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर रहा है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (सरकारी आदेश की अवहेलना पुराना IPC 188): जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी ‘किराएदार सत्यापन’ (Tenant Verification) के आदेश का उल्लंघन करने पर मकान मालिक के खिलाफ सीधे FIR दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
BNS की धारा 319/318 (छल और भेस बदलना): यदि कोई व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर या भेस बदलकर (जैसे बाबा, व्यापारी आदि) किसी क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूमता पाया जाता है, तो उस पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज होगा।
छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियमः बिना स्थानीय निकाय की अनुमति और बिना व्यवसाय टैक्स (Trade Tax) चुकाए अवैध रूप से व्यापार करने वालों के खिलाफ नगर पालिका द्वारा जब्ती और आर्थिक दंड की कार्रवाई की जाएगी।
▲ मकान मालिक को लगी कड़ी फटकार, प्रशासन की खुली चेतावनी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संबंधित मकान मालिक को तत्काल थाने तलब किया। बिना किसी आईडेंटिटी प्रूफ और पूर्व पुलिस वेरिफिकेशन के संदिग्धों को पनाह देने पर मकान मालिक की जमकर क्लास ली गई और सख्त लहजे में फटकार लगाई गई।
प्रशासन ने समस्त पत्थलगांव वासियों के लिए ‘पब्लिक एडवायजरी’ जारी करते हुए स्पष्ट किया है किः
1. किसी भी बाहरी, अज्ञात या संदिग्ध फेरीवाले/व्यापारी को बिना वैध पहचान पत्र के अपने परिसर में निवास न दें।
2. किराएदार या रुकने वाले व्यक्ति के मूल दस्तावेजों की एक प्रति अनिवार्य रूप से स्थानीय थाने में जमा कर पावती (Receipt) प्राप्त करें।
3. यदि कोई व्यक्ति व्यापारिक उद्देश्य से रुका है, तो नगर पालिका में नियमानुसार टैक्स राशि तत्काल जमा कराएं।
4. नियमों की अनदेखी करने वाले भू-स्वामियों (Landlords) को सह-आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ कानूनी प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
“जनसुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वे सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।” विशेष कवरेजः वैभव शर्मा, उप-संपादक (आज की सुर्खियां)

