
जोगपाल स्कूल के सामने ट्रक ने स्कूटी सवार युवक को कुचला, मौके पर मौत — बाईपास के अभाव में शहर के बीच धड़ल्ले से दौड़ रहे भारी वाहन
पत्थलगांव। पत्थलगांव की सड़कों पर एक बार फिर मौत ने दस्तक दी है। रविवार शाम जोगपाल स्कूल के गेट के सामने स्टेट हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक विपिन किशोर कुजूर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे ने सिर्फ एक परिवार को गहरा सदमा नहीं दिया, बल्कि पत्थलगांव की यातायात व्यवस्था और वर्षों से अधर में लटके बाईपास सड़क निर्माण पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा की विशेष पड़ताल में सामने आया यह सवाल अब शहर की आवाज बन चुका है—आखिर कब तक भारी वाहनों की आवाजाही के बीच पत्थलगांव की सड़कों पर आम लोगों की जान जोखिम में रहेगी?
जोगपाल स्कूल के सामने हुआ भीषण हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक विपिन किशोर कुजूर, ग्राम बोड़ीकुटेन, थाना लैलूंगा का निवासी था। वह 23 अगस्त को अपनी स्कूटी क्रमांक CG13AB9976 से पत्थलगांव अपने काम से आया था। शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच वह वापस अपने घर लौट रहा था।
इसी दौरान जोगपाल स्कूल के सामने रायगढ़ की ओर से आ रहे आयशर ट्रक क्रमांक AP39TQ2709 ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर जा गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस के अनुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ट्रक चालक की पहचान नरसू सावंत, पिता लक्ष्मण सावंत, निवासी कन्हेरी, जिला सोलापुर, महाराष्ट्र के रूप में बताई गई है।
बाईपास का इंतजार कब होगा खत्म?
यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना मानकर भुला दिया जाए, तो शायद असली सवाल दब जाएगा। पत्थलगांव लंबे समय से बाईपास सड़क की मांग कर रहा है। शहर की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही अब भी शहर के भीतर से ही हो रही है।
यही वजह है कि रायगढ़ रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल चलने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क निर्माण की स्थिति स्पष्ट नहीं है। यदि मुआवजा वितरित हो चुका है तो फिर सड़क निर्माण की वास्तविक प्रगति क्या है? कौन-सी बाधाएं बाकी हैं? और इन्हें दूर करने की जिम्मेदारी किसकी है?
इन सवालों का जवाब अब जनता जानना चाहती है।
बाईपास नहीं तो भारी वाहन शहर के बीच क्यों?
सबसे बड़ा सवाल यही है।
यदि बाईपास का उद्देश्य शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम करना है, तो जब तक बाईपास तैयार नहीं होता, तब तक शहर के बीच भारी वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है?
हर हादसे के बाद चालक की तेज रफ्तार या लापरवाही को जिम्मेदार बताकर कार्रवाई कर देना जरूरी है, लेकिन क्या इससे व्यवस्था की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है?
एक चालक की गलती पर कार्रवाई हो सकती है, लेकिन वर्षों से लंबित सड़क व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
यही वह सवाल है जिसे क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा इस हादसे के बहाने प्रशासन के सामने मजबूती से रख रहे हैं।
हादसों की श्रृंखला आखिर कब रुकेगी?
रायगढ़ रोड पर लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ दिन पहले भी सड़क हादसे में एक बैंककर्मी की मौत की घटना सामने आई थी और अब एक और परिवार ने अपना सदस्य खो दिया।
हर हादसे के बाद कुछ समय के लिए चर्चा होती है, कार्रवाई होती है और फिर मामला ठंडा पड़ जाता है।
लेकिन सड़क पर चलने वाला आम नागरिक आज भी वही सवाल पूछ रहा है—
“अगली मौत किसकी होगी?”
प्रशासन से अब स्पष्ट जवाब की उम्मीद
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि बाईपास सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए। निर्माण में देरी के कारणों की जानकारी दी जाए और यदि कोई प्रशासनिक, तकनीकी अथवा भूमि संबंधी बाधा है तो उसे दूर करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।
साथ ही शहर के भीतर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था मजबूत करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा इंतजाम करने की भी मांग उठ रही है।
यह सिर्फ एक सड़क नहीं, जिंदगी का सवाल है
पत्थलगांव की जनता को अब आश्वासन नहीं, जवाब और परिणाम चाहिए।

बाईपास सड़क कब बनेगी?
शहर के बीच भारी वाहनों का दबाव कब कम होगा?
रायगढ़ रोड पर हादसों का सिलसिला कब रुकेगा?
और सबसे अहम—अगली जान जाने से पहले व्यवस्था कब जागेगी?
यह सवाल क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा की इस विशेष खबर के जरिए सीधे उन जिम्मेदारों तक पहुंचाया जा रहा है, जिनके फैसलों से पत्थलगांव की सड़कों की तस्वीर और हजारों लोगों की सुरक्षा जुड़ी हुई है।
विशेष खबर: क्रांतिकारी पत्रकार वैभव शर्मा
उप संपादक — “आज की सुर्खियां”
“खबर वही, जो सवाल उठाए… और सवाल वही, जिसका जवाब जनता जानना चाहती है।”
