“इस जर्जर मार्ग पर आपकी क्या राय है? क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसी कोई समस्या है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि जिम्मेदार अधिकारियों के कानों तक पत्थलगांव की जनता की यह आवाज पहुंच सके। देखते रहिए ‘आज की सुर्खियां’, मैं था आपके साथ उप-संपादक वैभव शर्मा। धन्यवाद।”
पत्थलगांव। अगर आप एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन हैं, तो पत्थलगांव का मुख्य बस स्टैंड इन दिनों आपको एक अनोखा अनुभव देने के लिए तैयार है! यहां के इंदिरा गांधी चौक से जैसे ही आप दाएं मुड़ेंगे, ओम मोबाइल के बगल और ट्रैफिक पुलिस विश्राम गृह के ठीक सामने आपका स्वागत किसी ‘वॉटर पार्क’ की तरह होगा। शहर के इस मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थानीय प्रशासनिक लापरवाही के कारण इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि इस मानसूनी सीजन में ये छोटे-मोटे तालाब नजर आने लगे हैं। ऐसा लगता है जैसे स्थानीय नगर निकाय और जिम्मेदार अधिकारी चाहते हैं कि बस स्टैंड जाने वाले यात्री सड़कों पर चलने के बजाय इस अनोखे ‘स्विमिंग पूल’ का दीदार करके जाएं!
जब इस रास्ते से बसें और गाड़ियां गुजरती हैं, तो गड्डों के कारण अंदर बैठे यात्रियों को बिना किसी टिकट के ‘रोलर कोस्टर राइड’ का मजा मिल जाता है। मजे की बात देखिए, यह पूरा नजारा ठीक ट्रैफिक पुलिस के विश्राम स्थान के सामने दिखाई देता है, जहां से रोज सैकड़ों गाड़ियां हिचकोले खाते हुए गुजरती हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले का एक प्रमुख शहर होने के नाते पत्थलगांव के इस मुख्य द्वार को शहर की असली पहचान और शोभा बनना चाहिए था, लेकिन स्थानीय अधिकारियों की सुस्ती ने इसे एक बड़ी समस्या बना दिया है। ‘आज की सुर्खियां’ न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से उप-संपादक वैभव शर्मा सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन से यह जनहित का सवाल पूछते हैं – साहब! इस उबड़-खाबड़ रास्ते और जलजमाव का स्थाई उपचार कब होगा? क्या मानसून के इस मौसम में जनता को ऐसे ही खतरों के बीच सफर करना पड़ेगा?
