
आज की सुर्खियां विशेष खोजी रिपोर्टः वैभव शर्मा, उप संपादक जशपुर/कुनकुरी (24 जुलाई 2026): कानून के नए बदलावों और जमीनी हकीकत पर पैनी नजर रखने वाले हमारे विशेष ब्यूरो और उप संपादक वैभव शर्मा की इस खास रिपोर्ट में देखिए कि कैसे नए कानून ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) के तहत अब अपराधियों का बचना नामुमकिन हो चुका है। जशपुर के विशेष न्यायालय (SC/ST एक्ट) ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए, शादी का झांसा देकर पीड़िता का शोषण करने वाले आरोपी मनोज कुमार पाण्डेय को 07 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
पत्रकार वैभव शर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट: क्या था पूरा मामला?
हमारे उप संपादक वैभव शर्मा को पुलिस और न्यायालय सूत्रों से मिली प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जशपुर जिले के थाना कुनकुरी का है।
शादी का छल और शोषणः 44 वर्षीय आरोपी मनोज कुमार पाण्डेय (निवासी बाराकाल, जिला सतना, म.प्र.) ने पीड़िता को शादी का झूठा प्रलोभन देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया।
जातिसूचक अपमान और धोखाः जब पीड़िता ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई और शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी मुकर गया। उसने न केवल धोखा दिया बल्कि पीड़िता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित भी किया।
नए कानून (BNS) का शिकंजाः वरिष्ठ पत्रकार वैभव शर्मा के मुताबिक, यह मामला नए कानून लागू होने के बाद का है, इसलिए कुनकुरी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 169/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी के झूठे वादे पर यौन संबंध) और SC/ST एक्ट की धारा 3(2) (5) के तहत केस दर्ज किया था।
न्यायालय का कड़ा संदेशः श्री सत्येन्द्र कुमार साहू ने सुनाई सजा
इस संवेदनशील मामले पर लगातार नजर बनाए रखने वाले हमारे उप संपादक वैभव शर्मा ने बताया कि न्यायालय विशेष न्यायाधीश (अत्याचार निवारण अधिनियम) जशपुर, श्री सत्येन्द्र कुमार साहू की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए आरोपी मनोज कुमार पाण्डेय को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपी को 07 साल के सश्रम (कठोर) कारावास और भारी अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
वैभव शर्मा की कलम से विशेष टिप्पणीः “यह फैसला समाज के उन तत्वों के लिए एक कड़ा सबक है जो महिलाओं की भावनाओं और गरिमा के साथ खिलवाड़ करते हैं। नए कानून (BNS) की धारा 69 के तहत मिली यह सजा यह साबित करती है कि अब न्याय प्रक्रिया तेज और अचूक हो चुकी है।”
