सरस्वती शिशु मंदिर गुरुर में बच्चों ने मनाया रक्षाबंधन
गुरुर। गुरुर के सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया ।
इस दौरान सभी छात्राओं ने छात्रों को राखी बांधकर उन्हें अपना भाई बनाया तो वहीं छात्रों ने भी छात्राओं को बहन मानकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। भारत की प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को बनाए रखने के लिए शिशु मंदिर शिक्षा संस्थान द्वारा इस तरह की पहल की जाती है ताकि बच्चे संस्कारी और सभ्य हो और स्कूल में भी वैसा ही वातावरण निर्मित जैसा घर में होता है। वही समाज सेवी जयंत किरी ने कहा कि भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व है हर वर्ष की तरह इस सावन पूर्णिमा की तिथि पर बहनों ने रक्षा सूत्रों से भाइयों की कलाई सजाई रेशम की डोरी के धागे भले ही कच्चे हो लेकिन इसके पीछे का स्नेह है अटूट और बेहद मजबूत होता है भाई बहन के प्यार का प्रतीक इस त्यौहार को लेकर घर-घर में सुबह से तैयारी की जाती है सुबह लोग स्नान कर देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर बहनो के द्वारा भाइयों की कलाई में सुरक्षा सूत्र बांधकर जन्म जन्म तक सुख दुख में साथ निभाने का वचन भाइयों से लिया जाता है वह भाइयों के द्वारा बहनों को उपहार देकर हमेशा साथ निभाने का वादा किया जाता है भाइयों का मुंह मीठा कर घर के बड़े बुजुर्गों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता हैभाई-बहन के प्रेम का महत्व समझाते हुए शिक्षकों ने बच्चों को इस रिश्ते को बरकरार रखने की अपील भी की। इस दौरान प्रमुख रुप से,,,, प्राचार्य दीनदयाल साहू शिक्षक गण, गिरेंद्र शर्मा सुदर्शन साहू अजय साहू मोहनिश यादव सरोज शांडिल्य रेखा रावटे उपस्थित रहे।
