उप संपादक वैभव शर्मा की विशेष खबर
पत्थलगांव। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में पत्थलगांव नगर में गुरु पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा, अनुशासन और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में सहभागिता करते हुए भगवा ध्वज का पूजन किया और राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता तथा चरित्र निर्माण के संकल्प को दोहराया। सभाकक्ष में गूंजते राष्ट्रभक्ति गीत “देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें” और “तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित” ने पूरे वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया।

शताब्दी वर्ष के इस विशेष आयोजन में बाल, तरुण और प्रौढ़ स्वयंसेवकों के साथ नगर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं व्यवसायी भी पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे। हाल ही में गठित नई नगर कार्यकारिणी के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम पत्थलगांव में अब तक के सबसे उल्लेखनीय गुरु पूर्णिमा आयोजनों में शामिल रहा।

मुख्य अतिथि वनवासी कल्याण आश्रम के उपाध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल ने स्वयंसेवकों को सेवा, संस्कार और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का संदेश दिया। मुख्य वक्ता एवं छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र बेसरा ने अपने उद्बोधन में भगवा ध्वज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह त्याग, तपस्या, अनुशासन और राष्ट्रसमर्पण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संघ की परंपरा में गुरु पूर्णिमा पर स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित समर्पण राशि से वर्षभर के संगठनात्मक और सेवा कार्य संचालित होते हैं।
कार्यक्रम का सफल संचालन नगर कार्यवाह पवन अग्रवाल ने किया। मुख्य शिक्षक निकेत अग्रवाल, व्यवस्था प्रमुख विकास अग्रवाल, बौद्धिक प्रमुख रविशंकर यादव, बाल कार्य प्रमुख डेमूधर बंजारा, शाखा पालक कृतिवास दीवान तथा आदित्य अग्रवाल, राहुल शर्मा, सुनील बेहरा, हरिओम अग्रवाल, आलोक अग्रवाल और शिवांश शर्मा सहित सभी कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयास से आयोजन गरिमामय और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, संगठन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण की भावना का प्रतीक बनकर उभरा। शताब्दी वर्ष का यह उत्सव पत्थलगांव के सामाजिक जीवन में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
— विशेष रिपोर्ट
वैभव शर्मा
उप संपादक, आज की सुर्खियां


