
उप संपादक वैभव शर्मा की विशेष खबर सच्ची खबर तीखा नजर
पत्थलगांव। कभी पुष्प वाटिका के नाम से नगरवासियों के दिलों में विशेष स्थान रखने वाली यह वाटिका, जिसे आज अटल वाटिका के नाम से जाना जाता है, अपनी पुरानी पहचान खोती हुई दिखाई दे रही है। एक समय था जब यहां सुबह-शाम बच्चों की किलकारियां, बुजुर्गों की सैर और परिवारों की चहल-पहल पूरे वातावरण को जीवंत बना देती थी। झूलों पर खेलते बच्चे और बेंचों पर बैठकर बातचीत करते नागरिक इस वाटिका की पहचान हुआ करते थे।

लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सार्वजनिक स्थल अब पहले जैसा पारिवारिक वातावरण नहीं रहा। कई नागरिकों का आरोप है कि यहां कुछ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगा है और नशाखोरी जैसी गतिविधियों की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। इतना ही नहीं, कई लोग इसे “लव पार्क” कहकर भी संबोधित करने लगे हैं, जहां विद्यालय और कॉलेज जाने वाले कुछ युवक-युवतियां लंबे समय तक बैठे या घूमते दिखाई देते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षा के लिए विद्यालय और कॉलेज भेजते हैं या सार्वजनिक उद्यानों में समय बिताने के लिए? ग्रामीण क्षेत्रों से कई परिवार अपने बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद में पत्थलगांव भेजते हैं, ताकि वे पढ़-लिखकर जीवन में आगे बढ़ सकें। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों पर दिखने वाली इस तरह की तस्वीरें समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

स्थिति को और गंभीर बनाती है वाटिका की बदहाल व्यवस्था। जानकारी के अनुसार, यहां लगी कई बेंच असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं। कुछ स्थानों पर रखरखाव का अभाव भी साफ दिखाई देता है, जिससे यह सुंदर उद्यान अपनी पहचान खोता जा रहा है।

नगरवासियों की मांग है कि प्रशासन इस पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान ले। वाटिका में नियमित निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, क्षतिग्रस्त बेंचों और अन्य सुविधाओं की मरम्मत कर इसे फिर से परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक बनाया जाए।

42 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ देश, विदेश, खेल, व्यापार, मनोरंजन सहित हर महत्वपूर्ण खबर का विश्वसनीय नाम — प्रधान संपादक धर्मेंद्र शर्मा के नेतृत्व में, उप संपादक वैभव शर्मा द्वारा प्रस्तुत, “आज की सुर्खियां”।
