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    *प्रधान संपादक धर्मेंद्र शर्मा की विशेष खबर-* बड़ी खबर! सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को दी मंजूरी… पढ़े क्या-क्या तर्क दिए…

    Aaj Ki Surkhiya MPCGBy Aaj Ki Surkhiya MPCGAugust 3, 2024No Comments2 Mins Read
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    बड़ी खबर! सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को दी मंजूरी… पढ़े क्या-क्या तर्क दिए…

    अनुसूचित जाति और जनजाति में उपश्रेणियां बनाने को कोर्ट की मंजूरी

    नई दिल्ली। Supreme Court approves reservation: सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और जनजाति मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बीच एक उपश्रेणी बनाई जा सकती है। कोर्ट की सात सदस्यीय संविधान पीठ ने इस संबंध में फैसला सुनाया है। सात में से छह जजों ने इस फैसले के पक्ष में अपनी राय दी। सामने आया है कि जस्टिस बेला त्रिवेदी इस फैसले से सहमत नहीं थीं। सात जजों की संविधान पीठ ने 2004 में पांच जजों की संविधान पीठ के फैसले को पलट दिया है। 2004 में कोर्ट ने कहा था कि इन जातियों को उप-वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।

    सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बीच कोटा यानी उपश्रेणियां (Supreme Court approves reservation) बनाने को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि यह कोटा असमानता के खिलाफ नहीं है। सात न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बीच उप-श्रेणियां बना सकती है, ताकि मूल और जरूरतमंद वर्गों को आरक्षण का अधिक लाभ मिल सके। कोर्ट ने यह फैसला 6-1 के बहुमत से दिया है। लेकिन जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी इससे सहमत नहीं थे।

    मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने माना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के तहत जातियों को अलग से हिस्सा दिया जा सकता है। सात जजों की बेंच ने बहुमत से फैसला सुनाया। पंजाब में उच्च न्यायालय ने 2010 में उस कानून (Supreme Court approves reservation) को रद्द कर दिया, जिसमें वाल्मिकी और धार्मिक सिख जातियों को अनुसूचित जाति का आधा आरक्षण दिया गया था। इसके बाद इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया।

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