
*पत्थलगांव के श्री श्याम मंदिर के 2 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ भजन संध्या का आयोजन , रात 9 बजे से प्रातः 4 बजे तक थिरकते रहे भक्तजन*
महाभारत काल के भीम पौत्र बर्बरीक जी ने स्वयं का शीश भगवान श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित कर कलियुग में हारे का सहारा बनने का आशीर्वाद प्राप्त किया एवं भगवान श्री कृष्ण का श्याम नाम भी प्राप्त किया । आज प्रत्येक शहरो में भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त बाबा श्याम की पूजा-अर्चना , भजन कीर्तन देखने को मिल ही जाता है । इसी क्रम में पत्थलगांव शहर भी “मिनी खाटू” के नाम से प्रसिद्ध होता दिख रहा है , समय के गति के साथ साथ भक्तो का श्याम बाबा के प्रति जुड़ाव बढ़ता जा रहा है ।
श्री श्याम मंदिर की स्थापना पत्थलगांव में 10 अप्रैल 2022 को श्री रामनवमी के शुभ अवसर पर धूमधाम से हुई थी । जिसे आज 2 वर्ष की पूर्णता प्राप्त हो गई है । इस शुभ अवसर पर श्री श्याम मंदिर द्वारा सूरजगढ़ निशान यात्रा एवं भजन संध्या आयोजन कर पत्थलगांव के वातावरण को श्याममय किया । 09 अप्रैल की भजन संध्या में सूरजगढ़ से आए भक्तजनों ने हजारी बाबा जी के सानिध्य में भजनों की गंगा का प्रवाह कर भक्तो को कृष्ण के रंग में रंग दिया ।
10 अप्रैल की भजन संध्या में सूरजगढ़ दरबार के भक्तो ने , जयशंकर चौधरी जी ने , नितेश कुमार शर्मा एवं विवेक शर्मा जी ने अपनी प्रस्तुति श्याम मंदिर पत्थलगांव में दी । चकित करने वाली बात यह है कि जो कीर्तन रात 9 बजे प्रारंभ हुआ वह कीर्तन प्रातः 4 बजे तक पूर्ण उत्साहपूर्वक अनवरत चलता रहा । पत्थलगांव के भक्तजन धीरे धीरे भक्ति भाव में आगे बढ़ने के सारे रिकार्ड तोड़ते जा रहे है एवम भगवान श्री कृष्ण की कृपा दृष्टि का सुखोपभोग कर रहे है !!



