पत्थलगांव में बड़ी कार्रवाई: ₹6.79 लाख कमाने वाले सरकारी शिक्षक ने बेटी के मुफ्त एडमिशन के लिए बनवाया ₹75,000 का फर्जी आय प्रमाण पत्र, पुलिस ने भेजा जेल
लोकेशन: पत्थलगांव (जशपुर)
मुख्य बातें (Bullet Points):
आरोपी: शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा गिरफ्तार।धोखाधड़ी: ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना’ का गलत लाभ उठाया।फर्जीवाड़ा: ₹6.79 लाख की जगह महज ₹75,000 का आय प्रमाण पत्र पेश किया।कार्रवाई: जशपुर डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई।

विस्तृत समाचार:
पत्थलगांव। जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना क्षेत्र से धोखाधड़ी और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक शासकीय स्कूल के शिक्षक ने अपनी असली आय छुपाकर, गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना में सेंधमारी की। आरोपी शिक्षक चमर साय पैकरा को पत्थलगांव पुलिस ने जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।क्या है पूरा मामला?शिकायतकर्ता ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा (निवासी शांति नगर, कांसाबेल) ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी थी। जांच में पाया गया कि आरोपी शिक्षक चमर साय पैकरा की वास्तविक वार्षिक आय ₹6,79,152 थी। इसके बावजूद, अपनी बेटी का दाखिला उत्कृष्ट और निशुल्क शिक्षा देने वाली ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना’ में कराने के लिए उसने महज ₹75,000 का फर्जी आय प्रमाण पत्र तैयार करवा लिया।
फर्जी शपथ पत्र से खुला राजआरोपी ने न सिर्फ फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया, बल्कि विभाग को गुमराह करने के लिए एक झूठा शपथ पत्र भी दाखिल किया। इस धोखाधड़ी के बल पर उसने अपनी बेटी का दाखिला निशुल्क करा लिया, जिससे एक वास्तविक गरीब और हकदार बच्चा इस योजना के लाभ से वंचित रह गया।पुलिस की त्वरित कार्रवाईमामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के सख्त निर्देश पर पत्थलगांव थाना प्रभारी की टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी (Section 420 IPC / प्रासंगिक न्याय संहिता धाराएं) और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज कर उसे दबोच लिया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से फर्जी दस्तावेज के सहारे सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाने वाले गिरोहों और लोगों में हड़कंप मच गया है।



