जशपुर, 30 जुलाई। जशपुर जिले के बहुचर्चित संतोष भगत हत्याकांड में अदालत ने कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पत्नी मंगरीता भगत (45 वर्ष) को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि पति की नृशंस हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने जैसा अपराध समाज और पारिवारिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार है तथा ऐसे अपराधों में किसी प्रकार की नरमी स्वीकार नहीं की जा सकती।
पुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2025 की रात ग्राम भिंजपुर में घरेलू विवाद के दौरान आरोपी ने रसोई में रखे सील-पत्थर से पति संतोष भगत के सिर पर कई प्राणघातक वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने खून के निशान मिटाए और शव को एक बड़े ट्रॉली सूटकेस में ठूंसकर छिपा दिया ताकि अपराध के साक्ष्य नष्ट किए जा सकें। दो दिन बाद परिजनों ने घर का ताला खोलकर सूटकेस के भीतर शव देखा, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
थाना दुलदुला पुलिस के निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू ने वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की। एफएसएल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम, जब्त सामग्री और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को मजबूत किया। न्यायालय में अपर लोक अभियोजक श्रीमती पुष्पा सिंह की प्रभावी पैरवी के बाद द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री बलराम कुमार देवांगन ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास का फैसला सुनाया।
न्यायालय का सख्त संदेश
अपने फैसले में अदालत ने कहा कि पति की हत्या कर शव को सूटकेस में छिपाने का प्रयास केवल हत्या नहीं, बल्कि मानवता और पारिवारिक विश्वास के साथ किया गया एक जघन्य अपराध है। ऐसे मामलों में कठोर दंड ही न्याय और समाज के हित में है।
विशेष रिपोर्ट: वैभव शर्मा
उप संपादक, आज की सुर्खियां


