विशेष खोजी रिपोर्टः उप संपादक वैभव शर्मा-तीखी नजर,सच्ची खबर]
[लोकेशनः पत्थलगांव, जशपुर ]
* ब्रेकिंगः पत्थलगांव में हड़कंप ! किसानों के हक पर डाका डालने वालों का ‘द एंड’!

पत्थलगांव वालो, कान खोलकर सुन लो ! अगर कोई सोच रहा है कि वो बंद कमरों में बैठकर किसानों की पीठ में छुरा घोपेगा और बच निकलेगा, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। पत्थलगांव में अवैध खाद के काले साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने के लिए कृषि विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और खौफनाक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘तीखी नजर, सच्ची खबर’ के खोजी अभियान के तहत उप संपादक वैभव शर्मा आपको बता रहे हैं कि कैसे प्रशासन ने माफियाओं के होश उड़ा दिए।
आधी रात का ‘सरप्राइज अटैक’… और बस्ट हो गया सीक्रेट ठिकाना!
कृषि विभाग को खबर मिली थी कि पत्थलगांव के एक इलाके में अवैध खाद का बहुत बड़ा खेल चल रहा है। बिना वक्त गंवाए, अधिकारियों की टीम सिंघम स्टाइल में जाल बिछाकर मौके पर पहुंची। जैसे ही टीम ने छापेमारी की, वहां हड़कंप मच गया।
240 बोरी खाद जब्तः अंधेरे कमरों में छिपाई गई एक-एक बोरी को बाहर निकाला गया। कुल 240 बोरी अवैध खाद को ऑन-द-स्पॉट जब्त कर लिया गया।
दौड़ाकर पकड़ा एक्शनः छापेमारी के दौरान अवैध धंधा करने वालों के पसीने छूट गए और वे अपनी गाड़ियां छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए।
लोहे की जंजीरों में जकड़ा गोदामः प्रशासन ने बिना कोई रहम दिखाए, पूरे गोदाम को सील कर दिया और उस पर सरकारी ताला ठोक दिया।
वैभव शर्मा का बड़ा सवालः इस काले धंधे का असली आका कौन?
यह सिर्फ 240 बोरी खाद की जब्ती नहीं है, बल्कि पत्थलगांव के उन गद्दारों के मुंह पर तमाचा है जो किसानों को ऊंचे दामों पर खाद बेचने की फिराक में थे। कृषि विभाग के कड़े तेवरों ने साफ कर दिया है कि आरोपियों पर ऐसी सख्त कानूनी धाराएं लगाई जा रही हैं कि उनकी आने वाली नस्लें भी ब्लैक मार्केटिंग करना भूल जाएंगी।

– उप संपादक वैभव शर्मा की दो टूकः
पत्थलगांव की जनता गवाह रहे, जब तक आपके हक की लड़ाई है, हमारी ‘तीखी नजर’ ऐसे ही अपराधियों पर बनी रहेगी। नकली खाद, नकली बीज और कालाबाजारी करने वाले अब अपनी खैर मनाएं, क्योंकि प्रशासन का डंडा और हमारी सच्ची खबर की मार से अब कोई नहीं बच पाएगा।

