कैमरे में कैद महा-पाप! पत्थलगांव में महुआ माफियाओं का लाइव स्टिंग ऑपरेशन ! फोटो-वीडियो के पुख्ता सबूतों के साथ आबकारी विभाग की खुली पोल !

नमस्कार। आज पत्थलगांव के आबकारी विभाग के उन तमाम गैर-जिम्मेदार और सुस्त अधिकारियों की धड़कनें बढ़ने वाली हैं, जो अब तक फाइलों में बैठकर सब कुछ ठीक होने का दावा करते थे। पत्थलगांव के शांति नगर, चिडरापारा, अंबेडकर नगर और लास्ट साइड दारापर में चल रहे मौत के काले कारोबार का ऐसा जीवंत और दहला देने वाला सच आज हम बेनकाब करने जा रहे हैं, जिसे कोई झुठला नहीं सकता। हमारी टीम के जांबाज साथियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर, ग्राउंड ज़ीरो पर उतरकर एक-एक अवैध भट्ठी की एक्सक्लूसिव तस्वीरें और लाइव वीडियो फुटेज अपने कैमरे में कैद कर ली है! अब अधिकारी बहानेबाजी छोड़ें, क्योंकि झूठ का पर्दाफाश लाइव सबूतों के साथ हो चुका है!


[वॉइस ओवर – यहाँ पर आपकी टीम द्वारा खींची गई तस्वीरें और वीडियो प्ले होंगे ज़ूम इन इफेक्ट के साथ] अपनी स्क्रीन पर चल रही इन तस्वीरों और वीडियो को ज़रा गौर से देखिए ! ये कोई काल्पनिक दृश्य नहीं हैं, बल्कि पत्थलगांव की उन रिहायशी बस्तियों का कड़वा सच हैं जहाँ महुआ माफिया बिना किसी खौफ के, खुलेआम ज़हरीली शराब की भट्ठियां धधका रहे हैं। हमारी टीम के कैमरे में साफ-साफ कैद हुआ है कि कैसे कानून को पैरों तले रौंदकर मौत का यह सामान सरेआम परोसा जा रहा है। हम सीधे पत्थलगांव आबकारी विभाग के जिम्मेदार अफसरों की आंखों में आंखें डालकर पूछना चाहते हैं- साहब ! जब बस्तियों के छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं इन ठिकानों को देख सकते हैं, हमारी टीम के कैमरे इन सबूतों को कैद कर सकते हैं, तो आपकी हाई-फाई सरकारी गाड़ियाँ और आपकी टीम इन ठिकानों तक क्यों नहीं पहुंच पाती? क्या यह सिर्फ लापरवाही है, या फिर इस खामोशी के पीछे महुआ माफियाओं से कोई गहरा दोस्ताना और सांठगांठ है? जवाब तो साहब आपको देना ही होगा!
[पीड़ित परिवारों का दर्द और तीखा प्रहार – टोनः गंभीर और भावुक]
इन लाइव वीडियो और तस्वीरों में सिर्फ अवैध शराब का धंधा ही कैद नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे छिपकर रोती उन बेबस मां-बहनों और बेटियों की सिसकियां भी दर्ज हुई हैं, जिनके सुहाग और जिनके जवान बेटे इस ज़हर की भेंट चढ़ रहे हैं। सुबह की पहली किरण के साथ ही इन बस्तियों के पुरुष नशे की गर्त में डूब जाते हैं और उसके बाद शुरू होता है घरेलू हिंसा का वो खौफनाक मंजर, जिसे सहते-सहते यहां की महिलाओं की रूह तक कांप चुकी है। आज समाज का हर सजग नागरिक इन लापरवाह अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है कि अगर शराब पीकर घर उजाड़ने वाला जुल्मी है, तो सरेआम पैसे की हवस में ज़हर बेचने वाला माफिया और अपनी जेबें गर्म करके आंखें मूंदने वाला आबकारी विभाग क्या इस अपराध का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड नहीं है?
[माफियाओं में खौफ पैदा करने वाला कड़ा संदेश – टोनः बेहद सख्त और चेतावनी भरा]
अब कान खोलकर सुन लें पत्थलगांव की बस्तियों में मौत का व्यापार करने वाले ये समाज-विरोधी तत्व-तुम्हारी उल्टी गिनती का समय अब पूरा हो चुका है! चंद रुपयों के लालच में तुम जो युवाओं का लिवर डैमेज कर रहे हो, हंसते-खेलते परिवारों को श्मशान घाट की राह दिखा रहे हो, उसका एक-एक पन्ना, एक-एक फोटो और लाइव वीडियो अब हमारे पास सुरक्षित है। आबकारी विभाग भले ही अपनी सुस्ती का व्यायाम करता रहे, लेकिन जब इन अकाट्य सबूतों के आधार पर जिला मुख्यालय और उच्च स्तर से प्रशासनिक हंटर चलेगा, तो तुम्हें भागने के लिए पत्थलगांव तो क्या, पूरे जिले में सिर छुपाने की जगह नहीं मिलेगी!
[एंकर आउट्रो – जिला कलेक्टर और एसपी को खुली चुनौती व अपील]
हमारी यह एक्सक्लूसिव वीडियो रिपोर्ट जशपुर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के लिए एक खुली चुनौती और सीधी गुहार है। अब प्रशासन को किसी गवाह या लंबी जांच की जरूरत नहीं है, क्योंकि लाइव सबूत स्क्रीन पर चिल्ला-चिल्लाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हमारी मांग है कि पत्थलगांव आबकारी विभाग के निकम्मे और लापरवाह अफसरों के खिलाफ तुरंत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और इन वीडियो में दिख रहे महुआ माफियाओं के
ठिकानों पर तत्काल भारी पुलिस बल के साथ बुल्डोजर जैसी ताबड़तोड़ छापेमारी की जाए। जब तक इन माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे नहीं धकेला जाता, हमारी टीम इस मुद्दे पर डटी रहेगी।




