सफलता की कहानी
जिले में अब तक 05 लाख 46 हजार हितग्राहियों का बना आयुष्मान कार्ड
मनोरा में आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु खण्ड स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन
जशपुरनगर 04 अगस्त 2022/आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 01 अगस्त से 15 अक्टूबर 2022 तक विशेष अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले में 01 अगस्त 2022 से आपके द्वार आयुष्मान अभियान का तृतीय चरण की शुरूआत की गई है। इसी कड़ी में मनोरा विकासखंड में खण्ड स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया गया और 35 हजार 1 सौ 66 हितग्राहियों का कार्ड बनाया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिले में 5 लाख 46 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने जन सामान्य से अपने नजदीकी चॉइस सेंटर, शिविर स्थल या पंजीकृत चिकित्सालय में जाकर निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड से 50 हजार तक का मुफ्त उपचार भर्ती मरीजों को प्राप्त होता है आवश्यकता होने पर मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना से 20 लाख रुपए तक का मुफ्त उपचार प्राप्त किया जा सकता है। इस हेतु अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 104 या 14555 पर संपर्क किया जा सकता है।
स.क्र./1139/नूतन फोटो क्रमांक-01
*छत्तीसगढ़ में अब तक 4.54 लाख व्यक्तिगत और 45 हजार से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित*
*3.82 लाख व्यक्तिगत और 36,674 सामुदायिक वन अधिकार पत्र राजस्व एवं वन विभाग के अभिलेखों में दर्ज*
*मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा की*
*वन अधिकार पत्र के रूप में वनवासियों को वितरित 5.15 लाख हेक्टेयर रकबा भूइंया पोर्टल में अपलोड*
रायपुर. 4 अगस्त 2022. मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रदेश में क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने सामुदायिक वन अधिकार और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के अंतर्गत वितरित वनों के प्रबंधन के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावों के लिए विशेष अभियान चलाने कहा। उन्होंने इसके लिए ग्रामसभा जागरूकता अभियान भी संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निवास कार्यालय में हुई बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी एवं श्री प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन तथा अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू भी शामिल हुए।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह ने समीक्षा बैठक में बताया कि प्रदेश के वनांचलों में अब तक चार लाख 54 हजार 415 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 45 हजार 847 सामुदायिक वन अधिकार पत्र और 3731 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। इसके तहत क्रमशः तीन लाख 70 हजार हेक्टेयर, एक लाख 98 हजार हेक्टेयर और 15 लाख 32 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन वनवासियों को प्रदान की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इनमें से तीन लाख 81 हजार 667 व्यक्तिगत, 36 हजार 674 सामुदायिक वन अधिकार तथा 2965 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्रों को राजस्व एवं वन विभाग के अभिलेखों में दर्ज किया जा चुका है। व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र के रूप में वितरित एक लाख 83 हजार 604 पट्टों की करीब पांच लाख 15 हजार हेक्टेयर रकबे को भूइंया पोर्टल में अपलोड भी किया जा चुका है।
बैठक में बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह (विशेष संरक्षित जनजाति) के 23 हजार 643 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र प्रदान किए गए हैं। इन जनजातियों के लोगों को 1758 सामुदायिक वन अधिकार पत्र और 106 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र भी दिए गए हैं। अधिनियम के तहत प्रदेशभर में 17 हजार 209 विधवा, अविवाहित और तलाकशुदा आदिवासी महिलाओं को भी व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि वन अधिकार पत्रों की त्रुटियों को दूर करने और सभी जिलों में एकरूपता लाने के लिए सभी जिलों को मॉडल अधिकार पत्र का प्रारूप जारी किया गया है। समीक्षा बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर., राजस्व विभाग के सचिव श्री नीलम नामदेव एक्का तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी भी मौजूद थीं।
*स्वतंत्रता दिवस समारोह में उत्कृष्ट गौठान होंगे पुरस्कृत एवं सम्मानित*
*राज्य के तीन उत्कृष्ट गौठानों को दी जाएगी 50-50 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि*
*प्रत्येक जिले के एक-एक उत्कृष्ट गौठानों को 25-25 हजार रूपए का पुरस्कार*
*राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर गठित समिति करेगी उत्कृष्ट गौठानों का चयन*
*उत्कृष्ट गौठान चयन के लिए 100 अंक का मापन संकेतक निर्धारित*
रायपुर, 04 अगस्त 2022/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य एवं जिला स्तर पर उत्कृष्ट गौठानों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुरस्कृत एवं सम्मानित किए जाने के लिए कृषि विभाग द्वारा चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य के तीन सर्वश्रेष्ठ गौठानों को राज्य स्तरीय समारोह में 50-50 हजार रूपए का पुरस्कार तथा प्रत्येक जिले के एक-एक उत्कृष्ट गौठानों को 25-25 हजार रूपए का पुरस्कार जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदान किया जाएगा। समारेाह में उत्कृष्ट गौठान से संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं गौठान समिति के अध्यक्ष को मुख्य अतिथि द्वारा शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया जाएगा। उत्कृष्ट गौठानों को पुरस्कृत करने हेतु 10 लाख रूपए का अनुमोदन गोधन न्याय मिशन की बैठक में किया जा चुका है।
कृषि विभाग ने उत्कृष्ट गौठान चयन के लिए बुनियादी ढ़ांचा, गोबर क्रय एवं कम्पोेस्ट उत्पादन, विविध आजीविका एवं स्वावलंबन को आधार मानते हुए इसके लिए कुल 100 अंक निर्धारित किए हैं। बुनियादी ढांचा के अंतर्गत गौठानों में पानी, विद्युत, शेड, कोटना निर्माण, सोलर पम्प, फेंसिंग सहित जियो टैगिंग के लिए अधिकतम 7 अंक निर्धारित किया गया है। गौठानों में गोबर क्रय एवं कम्पोस्ट उत्पादन के अंतर्गत गोबर की सक्रिय खरीदी, मात्रा, सक्रिय गोबर विक्रेता, वर्मी टांकों की उपलब्धता, गोबर से कम्पोस्ट रूपांतरण का अनुपात, उत्पादन के विरूद्ध वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय एवं मानक नमूनों के प्रतिशत के लिए अधिकतम 71 अंक निर्धारित किए गए हैं, जबकि गौठानों में आजीविकामूलक गतिविधियों तथा महिला समूह के प्रति सदस्य की औसत आय पर अधिकतम 12 अंक तथा स्वावलंबी गौठान द्वारा गोबर क्रय हेतु किए गए भुगतान की किश्त संख्या के लिए अधिकतम 10 अंक निर्धारित है।
उत्कृष्ट गौठान चयन के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर समिति गठित की गई है, जिसके द्वारा उत्कृष्ट गौठानों का चयन गोधन न्याय योजना पोर्टल/जीमैप में प्रवेष्टि आंकड़ों के आधार पर निर्धारित मापदंड के अनुरूप करके निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया जाएगा। जिला स्तर पर एक गौठान को पुरस्कृत करने हेतु प्रत्येक विकासखण्ड स्तर से एक-एक उत्कृष्ट गौठान में से दो उत्कृष्ट गौठानों का चयन कर जिला स्तरीय समिति द्वारा निरीक्षण एवं मूल्यांकन कर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तर पर चयनित उत्कृष्ट गौठान का राज्य स्तर पर चयन होने की स्थिति में जिला स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले उत्कृष्ट गौठान जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए पात्र होंगे।
राज्य स्तर पर तीन गौठानों को पुरस्कृत करने के लिए जिला स्तर पर चयनित दो-दो उत्कृष्ट गौठानों के नाम को कलेक्टर के अनुमोदन पश्चात संभाग स्तर पर संयुक्त संचालक कृषि की अध्यक्षता में गौठानों के निरीक्षण एवं मूल्यांकन हेतु गठित समिति को भेजा जाएगा। संभाग स्तरीय समिति द्वारा कृषि संचालनालय को 7 अगस्त तक उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव ही मान्य होंगे। संचालनालय स्तर पर गठित समिति द्वारा संभाग स्तरीय समिति की अनुशंसा से प्राप्त उत्कृष्ट गौठानों में से राज्य स्तर हेतु तीन उत्कृष्ट गौठानों का चयन करेगी और प्रशासकीय अनुमोदन के लिए सूची 8 अगस्त तक शासन को उपलब्ध कराएगी।
*गोधन न्याय योजना की मॉनिटरिंग के लिए संभाग स्तरीय समितियां गठित होंगी*
*संयुक्त संचालक कृषि होंगे संभाग स्तरीय समिति के समन्वयक*
रायपुर, 04 अगस्त 2022/गौठानों में गोधन न्याय योजना अंतर्गत गोबर की खरीदी तथा उससे जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए संभाग स्तरीय समितियां गठित किए जाने का आदेश विशेष सचिव कृषि एवं राज्य नोडल अधिकारी, गोधन न्याय योजना द्वारा जारी किया गया है। संभाग स्तर पर गठित की जाने वाली समिति के समन्वय संभागीय संयुक्त संचालक कृषि होंगे। इस समिति के सह-समन्वयक की जिम्मेदारी कृषि विज्ञान केन्द्र कार्यक्रम समन्वयक वरिष्ठ वैज्ञानिक को सौंपी गई है। जिला स्तर पर उप संचालक कृषि, संयुक्त संचालक एवं उप संचालक पशुधन विकास तथा विकासखण्ड स्तर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी इस समिति के सदस्य होंगे।
यह समिति प्रत्येक मौसम में क्रय किए जा रहे गोबर, क्रय गोबर के 15-20 दिन बाद उसमें नमी का आंकलन, जैविक खाद बनाने हेतु वर्मी टांके में गोबर को डाले जाने से पूर्व उसमें नमी सहित जैविक खाद तैयार होने तक क्षरण एवं स्थानीय व्यवस्थाओं का आंकलन कर राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति को प्रदान करेगी। गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं गुणवत्ता के अतिरिक्त गौठानों के सुदृढ़ीकरण हेतु मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए राज्य स्तर पर तकनीकी सलाहकार समिति का गठन किया गया है।
