उप संपादक वैभव शर्मा की विशेष खबर

जशपुर/छत्तीसगढ़ः छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिले जशपुर में अपराधियों और तस्करों के खिलाफ कानून का ऐसा ‘शंखनाद’ हुआ है, जिसने अंतरराज्यीय तस्करी गैंग की कमर तोड़ कर रख दी है। जशपुर पुलिस ने तत्परता और जांबाजी की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने न सिर्फ बेजुबान जानवरों को क्रूरता से बचाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वर्दीधारी अगर ठान लें, तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
‘आज की सुर्खियां’ के पास उपलब्ध पुख्ता जानकारी के अनुसार, जशपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत दो अलग-अलग ब्लॉकबस्टर कार्रवाइयों में कुल 37 गोवंश और 07 भैंसों को तस्करों के चंगुल से आज़ाद कराया है। पुलिस ने मौके से 7 शातिर तस्करों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
* पहली स्ट्राइकः तपकरा पुलिस का जंगल में एक्शन, झारखंड भाग रहे 7 तस्कर दबोचे
तस्करी का पहला नेटवर्क थाना तपकरा क्षेत्र के घने जंगलों में सक्रिय था। शातिर तस्कर 28 गोवंशों को पैदल हांकते हुए, छिपते-छिपाते झारखंड की सीमा में पार कराने की फिराक में थे। लेकिन जशपुर पुलिस की खुफिया टीम अलर्ट थी। पुलिस बल ने जंगल के रास्ते की घेराबंदी की और तस्करों को चारों तरफ से घेर लिया।
इस बड़ी कामयाबी में पुलिस ने सिमडेगा (झारखंड), सुंदरगढ़ (ओडिशा) और जशपुर (छत्तीसगढ़) के मिले-जुले नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए निम्नलिखित 7 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कियाः
1. जगन्नाथ खड़िया (41 वर्ष, सिमडेगा, झारखंड)
2. गणेश राणा (30 वर्ष, सिमडेगा, झारखंड)
3. रमेश बेहरा (29 वर्ष, सिमडेगा, झारखंड)
4. कह रु बेहरा (35 वर्ष, सिमडेगा, झारखंड)
5. मनोरंजन बेहरा (51 वर्ष, सिमडेगा, झारखंड)
6. मोहन यादव (33 वर्ष, जशपुर, छत्तीसगढ़)
7. मग दुम खान (25 वर्ष, सुंदरगढ़, ओडिशा)
* दूसरी स्ट्राइकः मनोरा चौकी पुलिस को देख भागे तस्कर, बेजुबान आज़ाद
तस्करी का ऐसा ही एक और प्रयास चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत चल रहा था। यहाँ भी बेजुबान पशुओं को क्रूरता पूर्वक जंगल के रास्ते खदेड़ा जा रहा था। पुलिस की भनक लगते ही और खुद को घिरता देख, तस्कर घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से 09 गोवंश और 07 भैंसों को सुरक्षित मुक्त कराया। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं।
सख्त कानूनी शिकंजाः गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज
जशपुर पुलिस ने बेजुबानों के साथ क्रूरता करने वाले इन तस्करों पर कानून का सबसे सख्त चाबुक चलाया है। दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ क्रमशः थाना तपकरा और चौकी मनोरा में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
‘आज की सुर्खियां’ का संपादकीय नज़रियाः महान पत्रकारिता का संकल्प
पशु क्रूरता और तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का यह ‘ऑपरेशन शंखनाद’ वाकई काबिले तारीफ है। ‘आज की सुर्खियां’ इस जांबाज कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना करता है। एक जिम्मेदार समाचार पोर्टल होने के नाते, हमारा यह दृढ़ संकल्प है कि हम समाज के हर उस पहलू को बेबाकी से सामने लाएंगे, जो न्याय और मानवता की रक्षा करता है। बेजुबानों की चीख को अपनी आवाज बनाना और अपराधियों के चेहरों को बेनकाब करना ही हमारी पत्रकारिता का धर्म है।
– वैभव शर्मा, उप-संपादक, ‘आज की सुर्खियां’
