फटे बारदाना में हो रही चावल की सप्लाई, विक्रेताओं में आक्रोश, वेयरहाउस प्रबंधन की लापरवाही
गुरुर। इन दिनों गुरुर क्षेत्र के अधिकांश सोसाइटी में फटे बारदानों से चावल की सप्लाई हो रही है। राशन दुकानों में लोगों को पात्रता अनुसार कार्ड के तहत वितरण के लिए पहुंचने वाला यह चावल बेतरतीब तरीके से सप्लाई हो रही है। बारदाने फटे हुए हैं। इससे चावल ट्रकों से सोसाइटी तक पहुंचने के दौरान काफी खराब हो जाता है। तो वहीं कई जगह चावल गिर रहा है। इससे सोसाइटी के विक्रेताओं को काफी नुकसान हो रहा है। सोसाइटी के विक्रेताओं का कहना है कि पूरे स्टाक में इस तरह सप्लाई होने से दो से तीन क्विंटल की शॉर्टेज़ हो रही है। इसकी भरपाई कौन करेगा। ठेकेदार द्वारा सप्लाई में लापरवाही बरती जा रही है। वेयरहाउस प्रबंधन हो चाहे डीएमओ, कोई इस दिशा में ध्यान नहीं दे रहा है। जानकारों का कहना है कि पुराने बारदानों से सप्लाई हो रही है। जो कि खराब हो गए हैं। बारदाना हूक मारते ही फट रहा है। जब मजदूर इसे ट्रक से उतारकर सोसाइटी ले जाते हैं तो कई बार जरा सी हूक पड़ते ही पूरी बारदाना फट जाती है। और चावल गिरने लगता है। बिना हूक मारे तो काम भी नहीं किया सकता। ऐसे में हमाल मजदूर अपनी मजबूरी बताकर चावल गिराते हुए ढो रहे हैं। पर इनसे नुकसान विक्रेताओं को हो रहा है। बारदाने की स्थिति बहुत ही खराब है। वेयरहाउस प्रबंधन के प्रति विक्रेताओं में नाराजगी है।
चिटॉद वेयर हाउस से चावल की सप्लाई होती है।
क्या कहते हैं वेयरहाउस के प्रभारी

चिटॉद वेयर हाउस प्रभारी विनोद शर्मा का कहना है कि ठेकेदार को हमने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। शिकायत आई है। फटे बारदानों की वजह से किसी को कोई नुकसान ना हो,इसको लेकर कोई ना कोई रास्ता निकाल लेंगे।
क्या कहते हैं विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष
इधर मामले में छत्तीसगढ़ राशन विक्रेता (पीडीएस) संघ के जिला अध्यक्ष राजेश सिन्हा निवासी बोरतरा ने कहा कि बारदाना काफी खराब है। हूक लगने से वह और ज्यादा फट रहा है। चावल पूरा बिखर जाता है। इससे काफी नुकसान हो रहा है और शॉर्टेज की समस्या आ रही है। गुरुर क्षेत्र के कई सोसायटी में शिकायत है। इसको लेकर हमने उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया है। एक तो ऐसे ही हमें नाममात्र कमीशन मिलता है। उस पर चावल की इस तरह नुकसान की भरपाई आखिर हम पर ही लाद दी जाएगी। सप्लाई सही तरीके से होनी चाहिए। अभी बरसात का मौसम है और ज्यादा खराब होने का डर रहता है। बारदाना पुराना होने के चलते चावल गिर रहा है और उसे वापस बेचने में भी हमें दिक्कत होगी। धान खरीदी के दौरान हमारी सोसायटी से ही इन्ही बारदानों को वापस लिया जाता है। लेकिन जब बारदाने फटे होंगे तो हम बार उनकी कमी भी पूरी नहीं कर पाएंगे। सभी तरफ से विक्रेता परेशान हो रहे हैं।



