*इस बार भी हरेली पर रहेगी धूम*
*सीएम हाउस में आयोजन की जोरदार तैयारी*
*पाटन के करसा गांव से मुख्यमंत्री श्री बघेल करेंगे गोमूत्र खरीदी की शुरुआत*
*किसान सम्मेलन का भी होगा आयोजन, मुख्यमंत्री करेंगे किसानों से चर्चा*
*नये कृषि उपकरणों की होगी लांचिंग*
रायपुर, 25 जुलाई 2022/
हरेली छत्तीसगढ़ी संस्कृति, कृषि संस्कृति, परम्परा, लोक पर्व एवं पर्यावरण की महत्ता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के राजधानी रायपुर स्थित निवास पर हर बार की तरह इस बार भी किसानों, बहनों एवं भाइयों के साथ हरेली का पर्व पारंपरिक एवं धूमधाम से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री बघेल इस अवसर पर कृषि यंत्रों की पूजा भी करेंगे । हरेली पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों द्वारा सुआ, कर्मा, ददरिया और गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी तथा हरेली गीत भी गाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जिन सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की है, उनमें हरेली त्यौहार भी शामिल है।
*गोमूत्र खरीदी का शुभारंभ*
हरेली के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पाटन ब्लाक के गांव करसा से गोधन न्याय योजना का विस्तार करते हुए गोमूत्र खरीदी का शुभारंभ करेंगे। गांव के पशुपालक चार रुपए प्रति लीटर में गोमूत्र विक्रय कर सकेंगे। हरेली के मौके पर होने वाली इस खरीदी से प्रदेश के गौवंशपालकों को आर्थिक रूप से बड़ी मजबूती मिलेगी। अब तक किसान गोबर का विक्रय करते आये थे अब गोमूत्र भी बेचने से उनकी आय में इजाफा होने से पशुधन विकास के कार्य को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि कृषि के साथ पशुपालन का कार्य करने से किसान अपनी आय दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। इस मौके पर करसा में कृषि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया है। यहां नये कृषि उपकरणों की लांचिंग होगी। खेती किसानी के लिए उपयोगी कृषि प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री किसानों से खेती किसानी के बारे में बातचीत करेंगे और उनका सम्मान भी करेंगे। 20 जुलाई 2020 को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हरेली पर्व के अवपर पर ही देश की अनूठी गोधन न्याय योजना की शुरूआत की थी।
*बैलगाड़ी से पहुंचेंगे पूजास्थल*
मुख्यमंत्री हरेली पूजास्थल में बैलगाड़ी से पहुंचेंगे। वहां वे गौमाता की पूजा करेंगे। साथ ही परंपरागत रूप से कृषि उपकरणों की पूजा करेंगे। वे मशीन से पैरा काटेंगे और गायों को खिलाएंगे। हरेली के मौके पर गोवंश की पूजा होती है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री ने अपने निवास से बैलगाड़ी से निकले थे और सुंदर परंपरागत तरीके से हरेली का उत्सव मनाया था।
*नये कृषि उपकरणों की होगी लांचिंग*
किसान सम्मेलन का खास आकर्षण नये कृषि उपकरणों की लांचिंग होगा। इसमें सबसे खास है एक ऐसा ड्रोन जिसके माध्यम से फर्टिलाइजर और कीटनाशक की समुचित मात्रा में काफी कम समय में छिड़काव हो सकेगा। इसके साथ ही कृषि के लिए उपयोगी अत्याधुनिक उपकरण भी डिस्प्ले के लिए लगाए जाएंगे। कृषि सम्मेलन में विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे जिनसे किसान आधुनिक तरीके से खेती के संबंध में और खेती में आई नई तकनीक के बारे में जानकारी ले सकेंगे।
*छत्तीसगढ़ी खेलों की होगी धूम*
हरेली खेती का त्योहार है और साथ ही छत्तीसगढ़ में खेलों का सबसे बड़ा दिन। इस मौके पर छोटे बच्चे तो गेड़ी चढ़ते ही हैं बड़े बुजुर्ग भी गेड़ी चढ़ते हैं। इस दिन करसा में गेड़ी प्रतियोगिता भी होगी और इसके विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। इस मौके पर गेड़ी रेस, भौंरा, पिट्ठूल, कंचा, पतंग, गोली चम्मच, खोखो, रस्सा खींच, तिग्गा गोटी और गिल्ली डंडा जैसे खेलों का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदेश के सभी स्कूलों में भी गेड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
*खेती किसानी पर होगी चर्चा*
हरेली का त्योहार अच्छी फसल की कामना के लिए सबसे खास त्योहार है। यह उत्सव का समय भी है और बेहतर खरीफ फसल के लिए विचारविमर्श कर योजना बनाने का भी। मुख्यमंत्री कृषक सम्मेलन में किसानों से बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री स्वयं किसान भी हैं इसलिए अपने अनुभव भी साझा करेंगे। साथ ही सरकार द्वारा किसानों के हित में आरंभ की गई योजनाओं की जानकारी भी देंगे। वे किसानों के अनुभव भी जानेंगे और उनसे चर्चा भी करेंगे।
*गोमूत्र खरीदी इसलिए*
छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती की ओर राज्य को ले जाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए आवश्यक है कि गोवंश संवर्धन हो और इनका पालन किसानों के लिए उपयोगी हो। गोबर खरीदी के माध्यम से और इसके द्वारा वर्मी कंपोस्ट बनाकर जैविक खाद का बड़े पैमाने पर उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। अब गोमूत्र खरीदी से किसानों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया तैयार होगा। इससे वे पशुपालन की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेंगे और उनकी आय की स्तर में बढ़ोत्तरी होगी।

*सफलता की कहानी*
*सन्ना व मनोरा क्षेत्र के लगभग 1500 किसान मिर्च की खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं* *क्षेत्र के किसान मिर्च की फसल से अब तक 30 करोड रूपये से अधिक का कारोबार कर चुके हैं*
जशपुरनगर 25 जुलाई 2022/जशपुर जिले में किसानों के खेती करने के लिए जलवायु बहुत ही अनुकूल और यहां के किसान मिर्च,आलू , टमाटर, काजू के अच्छी खेती करते हैं फल दार फलो से भी किसानों को सीजन अनुसार अच्छा लाभ मिल जाता है नाशपाती, लीची की भी जशपुर में अच्छी पैदावार होती है साथ ही स्थानीय बाजार के साथ दूसरे राज्यों में फलों की हमेशा मांग बनी रहती है उघान विभाग के सहायक संचालक श्री आर एस तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि जशपुर जिले में इस साल करीब 3 हजार हेक्टेयर में मिर्च कि खेती की गई है करीब 1500 कृषकों के द्वारा मिर्च की खेती की जा रही है।
जशपुर जिले में साल दर साल बढ़ रहे मिर्ची उत्पादन से अब पडोसी राज्य, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बंगाल, झारखण्ड,तेलंगाना सहित अन्य राज्यों के व्यवसायी जशपुर के ओर रूख करने लगे हैं। यहॉ मिर्च की व्हीएनआर, एनएजीओ, जी.के.205 एवं सिमिंगस सहित अन्य कम्पनियों के बीच कि गुणवत्ता कॉफी अच्छी है। कुछ बड़े कृषिकों द्वारा प्रति कृषक 15-20 हेक्टर में अच्छा उत्पादन किया जा रहा। सन्ना तथा मनोरा क्षेत्र के मुख्यतः बड़े कृषक रमेश राम, बलंवत गुप्ता, सुहेल आलम व नयीम अंसारी द्वारा भारी मात्रा में मिर्च की खेती की जा रही तथा उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में ड्रीप व मल्चिंग नई तकनीक से उत्पादन अधिक बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जशपुर के बंसत यादव व सन्ना के गुडडु जैन द्वारा विभिन्न राज्यों तक मिर्च की सप्लाई की जा रही। जिससे कृषकों को अब तक 55-60 रू. किलोग्राम तक अधिकतम कीमत प्राप्त हो रहे हैं। स.क्र./1073/नूतऩ



